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पत्नी की हत्या और बेटी की हार से लगा था गहरा आघात
Updated Sun, 04 Feb 2018 01:44 AM IST
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पत्नी की हत्या और बेटी की हार से लगा था गहरा आघात
शामली। कैराना से सांसद हुकुम सिंह का मुजफ्फरनगर की गांधी कॉलोनी में भी मकान था। वर्ष 2010 में घर के नौकर ने ही बदमाशों के साथ मिलकर उनकी पत्नी रेवती सिंह की हत्या करके नकदी लूट ली थी। उस घटना से सांसद हुकुम सिंह को गहरा आघात लगा था। वहीं, 2017 में बेटी मृगांका सिंह को चुनाव जिताने में विफल होने पर वह बुरी तरह टूट गए थे।
सांसद हुकुम सिंह लंबे समय तक अपनी पत्नी रेवती सिंह के साथ मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी स्थित आवास पर रहे थे। जब हुकुम सिंह लखनऊ जाते थे, तो रेवती सिंह वहां अकेली रहती थीं। 2010 में मुजफ्फरनगर के आवास में ही नौकर ने बदमाशों के साथ मिलकर रेवती सिंह की हत्या कर दी थी। उसके बाद हुकुम सिंह ने मुजफ्फरनगर स्थित आवास बेच दिया था और कैराना स्थित मायापुर फार्म हाउस पर रहना शुरू कर दिया था।
हुकुम सिंह को कोई बेटा नहीं था, सिर्फ चार बेटियां हैं। उनमें से तीन बेटियां विदेश में रहती हैं, जबकि मृगांका सिंह गाजियाबाद में पब्लिक स्कूल चलाती हैं। करीब दो साल से वह पिता के साथ ही राजनीति में सक्रिय हुईं। हुकुम सिंह ने भी मृगांका सिंह को अपनी राजनीतिज्ञ विरासत सौंपने की ठान ली थी और 2017 के विधानसभा चुनाव में कैराना क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया, लेकिन मृगांका सिंह जीत नहीं पाईं। बेटी के चुनाव हारने की वजह से भी हुकुम सिंह को गहरा आघात लगा।
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आठ महीना पूर्व भी बिगड़ी थी हालत
सांसद हुकुम सिंह की आठ महीना पूर्व भी तबीयत बिगड़ गई थी, तब वह केंद्रीय जल संसाधन समिति के चेयरमैन के तौर पर बंगलूरू सहित कई प्रदेशों का दौरा करने गए थे। बंगलूरू में ही तबीयत खराब होने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। काफी दिन से फेफड़ों में इंफेक्शन होने के कारण वह अस्वस्थ चलते रहे। एक महीना पूर्व ही उनकी तबीयत फिर से खराब हुई, जिसके बाद 15 जनवरी को उन्हें नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां शनिवार रात हुकुम सिंह ने अंतिम सांस ली।
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शामली। कैराना से सांसद हुकुम सिंह का मुजफ्फरनगर की गांधी कॉलोनी में भी मकान था। वर्ष 2010 में घर के नौकर ने ही बदमाशों के साथ मिलकर उनकी पत्नी रेवती सिंह की हत्या करके नकदी लूट ली थी। उस घटना से सांसद हुकुम सिंह को गहरा आघात लगा था। वहीं, 2017 में बेटी मृगांका सिंह को चुनाव जिताने में विफल होने पर वह बुरी तरह टूट गए थे।
सांसद हुकुम सिंह लंबे समय तक अपनी पत्नी रेवती सिंह के साथ मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी स्थित आवास पर रहे थे। जब हुकुम सिंह लखनऊ जाते थे, तो रेवती सिंह वहां अकेली रहती थीं। 2010 में मुजफ्फरनगर के आवास में ही नौकर ने बदमाशों के साथ मिलकर रेवती सिंह की हत्या कर दी थी। उसके बाद हुकुम सिंह ने मुजफ्फरनगर स्थित आवास बेच दिया था और कैराना स्थित मायापुर फार्म हाउस पर रहना शुरू कर दिया था।
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हुकुम सिंह को कोई बेटा नहीं था, सिर्फ चार बेटियां हैं। उनमें से तीन बेटियां विदेश में रहती हैं, जबकि मृगांका सिंह गाजियाबाद में पब्लिक स्कूल चलाती हैं। करीब दो साल से वह पिता के साथ ही राजनीति में सक्रिय हुईं। हुकुम सिंह ने भी मृगांका सिंह को अपनी राजनीतिज्ञ विरासत सौंपने की ठान ली थी और 2017 के विधानसभा चुनाव में कैराना क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया, लेकिन मृगांका सिंह जीत नहीं पाईं। बेटी के चुनाव हारने की वजह से भी हुकुम सिंह को गहरा आघात लगा।
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आठ महीना पूर्व भी बिगड़ी थी हालत
सांसद हुकुम सिंह की आठ महीना पूर्व भी तबीयत बिगड़ गई थी, तब वह केंद्रीय जल संसाधन समिति के चेयरमैन के तौर पर बंगलूरू सहित कई प्रदेशों का दौरा करने गए थे। बंगलूरू में ही तबीयत खराब होने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। काफी दिन से फेफड़ों में इंफेक्शन होने के कारण वह अस्वस्थ चलते रहे। एक महीना पूर्व ही उनकी तबीयत फिर से खराब हुई, जिसके बाद 15 जनवरी को उन्हें नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां शनिवार रात हुकुम सिंह ने अंतिम सांस ली।