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ीएसटी ने भर दिया सरकारी खजाना
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:48 AM IST
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शामली।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद सरकारी खजाना भर गया है। शामली जनपद में जीएसटी में व्यापारियों का पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है, तो टैक्स भी पहले से ज्यादा जमा होने लगा है। यह स्थिति तब है, जब अनुमानित संख्या के सापेक्ष जीएसटी में व्यापारियों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है।
टैक्स जमा करने को लेकर जुलाई महीने की बात करें, तो पूर्व में वैट (वेल्यू एडेड टैक्स) का शामली जनपद का लक्ष्य तीन करोड़ 18 लाख रुपये निर्धारित किया गया था। एक जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू हो गया, जिसके चलते वैट स्वत: समाप्त हो गया। इसके चलते जुलाई माह में निर्धारित लक्ष्य से कई गुना ज्यादा टैक्स जमा हो गया। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों की मानें, तो कंडेला ओद्योगिक क्षेत्र के एक उद्यमी ने ही पांच करोड़ रुपये टैक्स जुलाई माह में जमा कराया, जिससे लक्ष्य को लेकर कोई चिंता ही नहीं रही।
लगातार बढ़ रहे जीएसटी में पंजीकरण
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर पीडी गुप्ता ने बताया कि एक जुलाई से पांच सितंबर तक 385 नए पंजीकरण जीएसटी के तहत हुए। इससे पूर्व वैट में 4160 व्यापारी पंजीकृत थे, जिनमें से 3939 पंजीकरण माइग्रेशन में जीएसटी में शामिल हो गए, जबकि 1221 पंजीकरण एक्टिवेट हो चुके हैं, इनका अभी जीएसटी में माइग्रेशन नहीं हुआ है।
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पंजीकरण में सेक्टर को लेकर भ्रम
शामली जनपद में वाणिज्यकर के तीन सेक्टर हैं। जीएसटी में ऑनलाइन पंजीकरण करते वक्त सेक्टर भी दर्ज करना होता है, लेकिन शहर में ही तीन सेक्टर होने की वजह से दिक्कतें सामने आ रही हैं। शहर में बुढ़ाना रोड पर दयानंदनगर की तरफ का इलाका सेक्टर तीन, इसी मार्ग पर सड़क के दूसरी तरफ सीबी गुप्ता कॉलोनी और आर्यपुरी का इलाका सेक्टर एक और नया बाजार, बड़ा बाजार इलाका सेक्टर दो में शामिल है। इसको लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि सेक्टर एक में सहारनपुर मार्ग, सिक्का, हींड, थानाभवन, जलालाबाद शामिल हैं। सेक्टर दो में झिंझाना, ऊन, चौसाना, गढ़ीपुख्ता और सेक्टर तीन में कांधला, कैराना, गंगेरू, एलम शामिल हैं।
आरएफआईडी लगाएगी टैक्स चोरी पर अंकुश
जीएसटी लागू होने के बाद ई-संचरण (ई वे बिल) के साथ ही रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस टैक्स चोरी पर अंकुश लगाएगी। इस व्यवस्था में माल वाहक वाहनों पर डिवाइस लगेगी। इस डिवाइस से वाहन के बारे में ऑनलाइन विभाग को जानकारी रहेगी कि वाहन कहां से चला और कहां गया। यह व्यवस्था अक्तूबर माह से शुरू हो सकती है।
रिटर्न दाखिल करने की तिथि
जुलाई माह का जीएसटीआर एक दाखिल करने के लिए 10 सितंबर तक आर एक भरा जा सकेगा। जीएसटी आर दो के लिए 25 सितंबर और जीएसटीआर तीन के तहत 30 सितंबर तक दाखिल किया जा सकता है। वहीं, अगस्त माह का रिटर्न के तहत जीएसटीआर एक दाखिल करने की तिथि पांच अक्तूबर, जीएसटीआर दो की 10 अक्तूबर और जीएसटीआर तीन की तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित की गई है।
नहीं होगी रूटीन जांच
वाणिज्य कर /राज्य कर के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने 31 अगस्त को ही आदेश जारी करके कहा है कि माल वाहक वाहनों के परिवहन को लेकर फिलहाल रूटीन जांच नहीं होगी। आयुक्त और अपर आयुक्त की जानकारी में लेकर ही किसी विशेष परिस्थिति में जांच की जा सकेगी। यदि इसका उल्लंघन होता है, तो ज्वाइंट कमिश्नर, एडिश्नर कमिश्नर का सीधा उत्तरदायित्व होगा।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद सरकारी खजाना भर गया है। शामली जनपद में जीएसटी में व्यापारियों का पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है, तो टैक्स भी पहले से ज्यादा जमा होने लगा है। यह स्थिति तब है, जब अनुमानित संख्या के सापेक्ष जीएसटी में व्यापारियों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है।
टैक्स जमा करने को लेकर जुलाई महीने की बात करें, तो पूर्व में वैट (वेल्यू एडेड टैक्स) का शामली जनपद का लक्ष्य तीन करोड़ 18 लाख रुपये निर्धारित किया गया था। एक जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू हो गया, जिसके चलते वैट स्वत: समाप्त हो गया। इसके चलते जुलाई माह में निर्धारित लक्ष्य से कई गुना ज्यादा टैक्स जमा हो गया। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों की मानें, तो कंडेला ओद्योगिक क्षेत्र के एक उद्यमी ने ही पांच करोड़ रुपये टैक्स जुलाई माह में जमा कराया, जिससे लक्ष्य को लेकर कोई चिंता ही नहीं रही।
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लगातार बढ़ रहे जीएसटी में पंजीकरण
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर पीडी गुप्ता ने बताया कि एक जुलाई से पांच सितंबर तक 385 नए पंजीकरण जीएसटी के तहत हुए। इससे पूर्व वैट में 4160 व्यापारी पंजीकृत थे, जिनमें से 3939 पंजीकरण माइग्रेशन में जीएसटी में शामिल हो गए, जबकि 1221 पंजीकरण एक्टिवेट हो चुके हैं, इनका अभी जीएसटी में माइग्रेशन नहीं हुआ है।
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पंजीकरण में सेक्टर को लेकर भ्रम
शामली जनपद में वाणिज्यकर के तीन सेक्टर हैं। जीएसटी में ऑनलाइन पंजीकरण करते वक्त सेक्टर भी दर्ज करना होता है, लेकिन शहर में ही तीन सेक्टर होने की वजह से दिक्कतें सामने आ रही हैं। शहर में बुढ़ाना रोड पर दयानंदनगर की तरफ का इलाका सेक्टर तीन, इसी मार्ग पर सड़क के दूसरी तरफ सीबी गुप्ता कॉलोनी और आर्यपुरी का इलाका सेक्टर एक और नया बाजार, बड़ा बाजार इलाका सेक्टर दो में शामिल है। इसको लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि सेक्टर एक में सहारनपुर मार्ग, सिक्का, हींड, थानाभवन, जलालाबाद शामिल हैं। सेक्टर दो में झिंझाना, ऊन, चौसाना, गढ़ीपुख्ता और सेक्टर तीन में कांधला, कैराना, गंगेरू, एलम शामिल हैं।
आरएफआईडी लगाएगी टैक्स चोरी पर अंकुश
जीएसटी लागू होने के बाद ई-संचरण (ई वे बिल) के साथ ही रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस टैक्स चोरी पर अंकुश लगाएगी। इस व्यवस्था में माल वाहक वाहनों पर डिवाइस लगेगी। इस डिवाइस से वाहन के बारे में ऑनलाइन विभाग को जानकारी रहेगी कि वाहन कहां से चला और कहां गया। यह व्यवस्था अक्तूबर माह से शुरू हो सकती है।
रिटर्न दाखिल करने की तिथि
जुलाई माह का जीएसटीआर एक दाखिल करने के लिए 10 सितंबर तक आर एक भरा जा सकेगा। जीएसटी आर दो के लिए 25 सितंबर और जीएसटीआर तीन के तहत 30 सितंबर तक दाखिल किया जा सकता है। वहीं, अगस्त माह का रिटर्न के तहत जीएसटीआर एक दाखिल करने की तिथि पांच अक्तूबर, जीएसटीआर दो की 10 अक्तूबर और जीएसटीआर तीन की तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित की गई है।
नहीं होगी रूटीन जांच
वाणिज्य कर /राज्य कर के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने 31 अगस्त को ही आदेश जारी करके कहा है कि माल वाहक वाहनों के परिवहन को लेकर फिलहाल रूटीन जांच नहीं होगी। आयुक्त और अपर आयुक्त की जानकारी में लेकर ही किसी विशेष परिस्थिति में जांच की जा सकेगी। यदि इसका उल्लंघन होता है, तो ज्वाइंट कमिश्नर, एडिश्नर कमिश्नर का सीधा उत्तरदायित्व होगा।