{"_id":"5bf0641cbdec22694a53d3cd","slug":"11542480924-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाईलेरिया रोग के भाजू गांव में एक ओर स्कूली बच्चे में मिले लक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फाईलेरिया रोग के भाजू गांव में एक ओर स्कूली बच्चे में मिले लक्षण
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक और छात्र में मिले फाइलेरिया के लक्षण
शामली। तीसरे दिन लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डाक्टर विकास सिंघल (मलेरिया) व प्रशिक्षक अमित कुमार शुक्ला के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाली फाइलेरिया रोग के सर्वेक्षण अभियान के तहत ऊन ब्लाक के राझड़, भाजू और कांधला ब्लाक के खेड़ाकुर्तान गांव में बच्चों की खून की जांच कराकर फाइलेरिया रोग से बचाव के निर्देश दिए। भाजू गांव में एक और स्कूली बच्चे में फाइलेरिया रोग के लक्षण पाए गए। पूरे दिन में 96 स्कूली बच्चों की खून की जांच गई। लखनऊ की टीम में शामिल संयुक्त निदेशक मलेरिया विकास सिंघल ने बताया कि अभी तक मुजफ्फरनगर और शामली में मिलाकर नौ स्कूली बच्चों में फाइलेरिया रोग के लक्षण पाए गए। शामली में छह और मुजफ्फरनगर जिले में तीन बच्चे शामिल हैं। सर्वेक्षण टीम में जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार, मलेरिया निरीक्षक सफी उल्लाखां, हेल्थ सुपरवाइजर कृष्ण कुमार मौजूूूद रहे।
विज्ञापन
शामली। तीसरे दिन लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डाक्टर विकास सिंघल (मलेरिया) व प्रशिक्षक अमित कुमार शुक्ला के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाली फाइलेरिया रोग के सर्वेक्षण अभियान के तहत ऊन ब्लाक के राझड़, भाजू और कांधला ब्लाक के खेड़ाकुर्तान गांव में बच्चों की खून की जांच कराकर फाइलेरिया रोग से बचाव के निर्देश दिए। भाजू गांव में एक और स्कूली बच्चे में फाइलेरिया रोग के लक्षण पाए गए। पूरे दिन में 96 स्कूली बच्चों की खून की जांच गई। लखनऊ की टीम में शामिल संयुक्त निदेशक मलेरिया विकास सिंघल ने बताया कि अभी तक मुजफ्फरनगर और शामली में मिलाकर नौ स्कूली बच्चों में फाइलेरिया रोग के लक्षण पाए गए। शामली में छह और मुजफ्फरनगर जिले में तीन बच्चे शामिल हैं। सर्वेक्षण टीम में जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार, मलेरिया निरीक्षक सफी उल्लाखां, हेल्थ सुपरवाइजर कृष्ण कुमार मौजूूूद रहे।