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बड़े कस्बों में ज्यादा मतदान पर है नेताओं का ध्यान
Updated Sat, 12 May 2018 11:20 PM IST
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अपने-अपने पाले में वोटरों को रिझाने की जीतोड़ कोशिश
शामली। कैराना लोकसभा उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिज्ञ दलों और उनके समर्थकों ने अपने-अपने पाले में वोटरों को रिझाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। राजनीतिक दलों का फोकस शामली जिले के उन बड़े कस्बों पर है, जहां सबसे ज्यादा वोटर हैं। प्रयास है कि इन कस्बों में मतदान प्रतिशत बढ़ाकर फायदा लिया जाए। उसके लिए कस्बों में बूथ मैनेजमेंट के साथ ही वर्गों के हिसाब से बैठकें की जा रही हैं।
कैराना लोकसभा क्षेत्र में शामली जनपद में तीन विधानसभा क्षेत्र है। शामली जिले में कुल 10 निकाय हैं, जिनमें तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायतें हैं। वैसे पूरे लोकसभा क्षेत्र में करीब 16 लाख मतदाता निवास करते हैं। शामली जिले के 10 निकायों (नगरीय क्षेत्र) में 3,01,276 मतदाता निवास करते हैं। इसी तरह सहारनपुर जनपद की नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र भी कैराना लोकसभा सीट में शामिल हैं। इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में नकुड़, गंगोह नगर पालिका हैं।
अब कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को जीतने की तैयारी में लगे राजनीतिक दलों की तरफ से जहां ग्रामीण अंचल में भी प्रचार तेज कर दिया है, तो खास फोकस नगरीय क्षेत्र के मतदाताओं पर भी है। क्योंकि नगरीय क्षेत्र में रहने वाले मतदाताओं का मतदान प्रतिशत ही चुनाव में जीत-हार के आंकड़ों को प्रभावित करेगा। वैसे प्रत्याशियों द्वारा पूरे लोकसभा क्षेत्र में खुद को मजबूत करने के लिए प्रचार और बैठकें की जा रही हैं, लेकिन जातीय समीकरणों के हिसाब से प्रत्याशियों का फोकस अलग अलग निकायों पर बना हुआ है। एकतरफ मुसलिम बहुल कस्बों में शुमार कैराना, कांधला, थानाभवन, जलालाबाद और गढ़ीपुख्ता में गठबंधन प्रत्याशी का प्रयास रहेगा कि इन कस्बों में ज्यादा से ज्यादा मतदान कराया जाए। वहीं, नगर पालिका शामली, नगर पंचायत बनत, एलम, ऊन आदि में भाजपा नेता अपने प्रत्याशी को जिताने में पूरी कसरत कर रहे हैं। जाहिर है कि इन निकायों में होने वाला मतदान प्रतिशत चुनाव नतीजों को प्रभावित करेगा।
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शामली जनपद के निकायों में मतदाताओं की संख्या
शामली
91480,
कैराना 65004,
कांधला 32102,
थानाभवन 30008,
जलालाबाद 20350,
बनत 14239,
झिंझाना 14293,
ऊन 13292,
एलम 10667,
गढ़ीपुख्ता 9841
भाजपा के चार सांसद और सात मंत्री संभाल रहे जिम्मेदारी
शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रत्याशी मृगांका सिंह को जिताने के लिए पार्टी नेतृत्व ने पूरी ताकत लगा रखी है। इसी के चलते शनिवार को चुनाव संचालन समिति का गठन भी किया गया। उसमें चुनाव प्रभारी देवेंद्र सिंह को बनाया गया है, जबकि उनके अलावा सह प्रभारी, संयोजक, समन्वयक, सह संयोजक, कार्यालय प्रमुख, कार्यालय टोली, जनसंपर्क प्रमुख, व्यवस्था प्रमुख, कार्यक्रम प्रमुख, सभा प्रमुख, बस्ता प्रमुख, प्रशासनिक प्रमुख, भोजन प्रमुख, आवास प्रमुख, अतिथि प्रमुख, मीडिया प्रमुख, सोशल मीडिया प्रमुख, वाहन प्रमुख की जिम्मेदारी अलग अलग नेताओं को सौंपी गई हैं। शनिवार दोपहर बाद प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री एवं क्षेत्रीय प्रभारी विधायक विजय बहादुर पाठक ने प्रदेश मंत्री धर्मवीर प्रजापति, हरवीर मलिक, जयकरण गुप्ता, करुणेश नंदन गर्ग, संजीव सिक्का, सुरेश आचार्य, विशेष सरोहा, सचिन जैन, यशपाल पंवार और कृष्ण मित्तल आदि सहित चुनाव संचालन समिति के साथ बैठक की। वहीं, चुनाव प्रचार में पार्टी की तरफ से चार सांसद, सात मंत्री सहित विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
1984 में कैराना से चुनाव लड़ी थीं मायावती
शामली। पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कैराना लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी अख्तर हसन जीते थे, जबकि लोकदल प्रत्याशी श्याम सिंह दूसरे और 44445 वोट लेकर मायावती तीसरे नंबर पर रही थीं।
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शामली। कैराना लोकसभा उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिज्ञ दलों और उनके समर्थकों ने अपने-अपने पाले में वोटरों को रिझाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। राजनीतिक दलों का फोकस शामली जिले के उन बड़े कस्बों पर है, जहां सबसे ज्यादा वोटर हैं। प्रयास है कि इन कस्बों में मतदान प्रतिशत बढ़ाकर फायदा लिया जाए। उसके लिए कस्बों में बूथ मैनेजमेंट के साथ ही वर्गों के हिसाब से बैठकें की जा रही हैं।
कैराना लोकसभा क्षेत्र में शामली जनपद में तीन विधानसभा क्षेत्र है। शामली जिले में कुल 10 निकाय हैं, जिनमें तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायतें हैं। वैसे पूरे लोकसभा क्षेत्र में करीब 16 लाख मतदाता निवास करते हैं। शामली जिले के 10 निकायों (नगरीय क्षेत्र) में 3,01,276 मतदाता निवास करते हैं। इसी तरह सहारनपुर जनपद की नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र भी कैराना लोकसभा सीट में शामिल हैं। इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में नकुड़, गंगोह नगर पालिका हैं।
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अब कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को जीतने की तैयारी में लगे राजनीतिक दलों की तरफ से जहां ग्रामीण अंचल में भी प्रचार तेज कर दिया है, तो खास फोकस नगरीय क्षेत्र के मतदाताओं पर भी है। क्योंकि नगरीय क्षेत्र में रहने वाले मतदाताओं का मतदान प्रतिशत ही चुनाव में जीत-हार के आंकड़ों को प्रभावित करेगा। वैसे प्रत्याशियों द्वारा पूरे लोकसभा क्षेत्र में खुद को मजबूत करने के लिए प्रचार और बैठकें की जा रही हैं, लेकिन जातीय समीकरणों के हिसाब से प्रत्याशियों का फोकस अलग अलग निकायों पर बना हुआ है। एकतरफ मुसलिम बहुल कस्बों में शुमार कैराना, कांधला, थानाभवन, जलालाबाद और गढ़ीपुख्ता में गठबंधन प्रत्याशी का प्रयास रहेगा कि इन कस्बों में ज्यादा से ज्यादा मतदान कराया जाए। वहीं, नगर पालिका शामली, नगर पंचायत बनत, एलम, ऊन आदि में भाजपा नेता अपने प्रत्याशी को जिताने में पूरी कसरत कर रहे हैं। जाहिर है कि इन निकायों में होने वाला मतदान प्रतिशत चुनाव नतीजों को प्रभावित करेगा।
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शामली जनपद के निकायों में मतदाताओं की संख्या
शामली
91480,
कैराना 65004,
कांधला 32102,
थानाभवन 30008,
जलालाबाद 20350,
बनत 14239,
झिंझाना 14293,
ऊन 13292,
एलम 10667,
गढ़ीपुख्ता 9841
भाजपा के चार सांसद और सात मंत्री संभाल रहे जिम्मेदारी
शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रत्याशी मृगांका सिंह को जिताने के लिए पार्टी नेतृत्व ने पूरी ताकत लगा रखी है। इसी के चलते शनिवार को चुनाव संचालन समिति का गठन भी किया गया। उसमें चुनाव प्रभारी देवेंद्र सिंह को बनाया गया है, जबकि उनके अलावा सह प्रभारी, संयोजक, समन्वयक, सह संयोजक, कार्यालय प्रमुख, कार्यालय टोली, जनसंपर्क प्रमुख, व्यवस्था प्रमुख, कार्यक्रम प्रमुख, सभा प्रमुख, बस्ता प्रमुख, प्रशासनिक प्रमुख, भोजन प्रमुख, आवास प्रमुख, अतिथि प्रमुख, मीडिया प्रमुख, सोशल मीडिया प्रमुख, वाहन प्रमुख की जिम्मेदारी अलग अलग नेताओं को सौंपी गई हैं। शनिवार दोपहर बाद प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री एवं क्षेत्रीय प्रभारी विधायक विजय बहादुर पाठक ने प्रदेश मंत्री धर्मवीर प्रजापति, हरवीर मलिक, जयकरण गुप्ता, करुणेश नंदन गर्ग, संजीव सिक्का, सुरेश आचार्य, विशेष सरोहा, सचिन जैन, यशपाल पंवार और कृष्ण मित्तल आदि सहित चुनाव संचालन समिति के साथ बैठक की। वहीं, चुनाव प्रचार में पार्टी की तरफ से चार सांसद, सात मंत्री सहित विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
1984 में कैराना से चुनाव लड़ी थीं मायावती
शामली। पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कैराना लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी अख्तर हसन जीते थे, जबकि लोकदल प्रत्याशी श्याम सिंह दूसरे और 44445 वोट लेकर मायावती तीसरे नंबर पर रही थीं।