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अनियमिता की जांच करने पहुंची टीम
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:04 PM IST
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टीम ने अनियमितताओं की जांच की
चौसाना (शामली)। शौचालय निर्माण और मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में टीम गांव भोगी माजरा में पहुंची। मनरेगा के तहत कार्यों में अनियमितता का आरोप गलत पाया गया, जबकि शौचालयों की जांच अभी जारी है।
चौसाना क्षेत्र के गांव भोगीमाजरा निवासी देवेंद्र ने शौचालयों के निर्माण में गड़बड़ी और मनरेगा के तहत हुए कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर को सौंपी। इसी के चलते बुधवार को जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर एक अन्य अधिकारी गांव में पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान पर लगाए गए आरोपों की जांच की। देवेंद्र का आरोप था कि एक परिवार के नाम से शौचालय निर्माण दिखाकर दो बार पैसे निकाले गए। इस पर ग्राम प्रधान ने सफाई देते हुए कहा कि एमआईएस साइट पर तकनीकी खराबी के चलते सही डाटा फीड नहीं हो सका। जांच अधिकारियों ने बैंक डिटेल के साथ शौचालयों के निर्माण की सूची तलब की है। वहीं, मनरेगा के तहत कराए गए मिट्टी भराव कार्य गांव में पूरे मिले। जांच अधिकारी हरिशंकर का कहना है कि समय कम था, जिस कारण अभी जांच पूरी नहीं हो पाई है। जांच पूरी होने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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चौसाना (शामली)। शौचालय निर्माण और मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में टीम गांव भोगी माजरा में पहुंची। मनरेगा के तहत कार्यों में अनियमितता का आरोप गलत पाया गया, जबकि शौचालयों की जांच अभी जारी है।
चौसाना क्षेत्र के गांव भोगीमाजरा निवासी देवेंद्र ने शौचालयों के निर्माण में गड़बड़ी और मनरेगा के तहत हुए कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर को सौंपी। इसी के चलते बुधवार को जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर एक अन्य अधिकारी गांव में पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान पर लगाए गए आरोपों की जांच की। देवेंद्र का आरोप था कि एक परिवार के नाम से शौचालय निर्माण दिखाकर दो बार पैसे निकाले गए। इस पर ग्राम प्रधान ने सफाई देते हुए कहा कि एमआईएस साइट पर तकनीकी खराबी के चलते सही डाटा फीड नहीं हो सका। जांच अधिकारियों ने बैंक डिटेल के साथ शौचालयों के निर्माण की सूची तलब की है। वहीं, मनरेगा के तहत कराए गए मिट्टी भराव कार्य गांव में पूरे मिले। जांच अधिकारी हरिशंकर का कहना है कि समय कम था, जिस कारण अभी जांच पूरी नहीं हो पाई है। जांच पूरी होने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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