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पांच हजार से अधिक आबादी में दी जाएगी बैकिंग आऊट लेट सुविधा
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:26 PM IST
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शामली (शामली)। कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को जिला स्तरीय समीक्षा समिति बैंकर्स की त्रैैमासिक बैठक हुई। जिसमें मुख्य अतिथि भारतीय रिजर्व बैंक लखनऊ से अग्रणीय जिला अधिकारी जयप्रकाश रहे। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसल वर्ष 2017- 18 के संबंध और जिले में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बैंकिंग आउट लेट की सुविधा उपलब्ध कराने व बैंकों की सुरक्षा संबंधी प्रकरणों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि शासन की उच्च प्राथमिक योजना में जिले की जनगणना 2011 के अनुसार पांच हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों में बैंक सुविधा रहित गांवों में बैंकिंग आउट लेटस की सुविधा उपलब्ध कराया जाना है। उन्होंने सभी बैंकों में योजना में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताया कि किसानों की आय को 2022 तक दुगना करना योजना में शामिल हैं। पशुपालन योजना, गाय-भैंस, सूकर, भेड़ बकरी, मतस्य पालन जैसी योजना व बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक ऋण दिलाने के निर्देश दिए। एलडीएम हरपाल तोमर ने अवगत कराया कि आधार पंजीकरण सुविधा हेतु चयनित बैंकों की शाखाओं के माध्यम से आधार व मोबाइल नंबर का लिंक किया जाना है।
डीएम ने प्रधानमंत्री की सामाजिक सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अटल पेंशन योजना ,प्रधान मंत्री मुद्रा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण व शहरी आजीविका योजना में बैंकों का सहयोग न दिए जाने पर संबंधित बैंकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नाबार्ड के मुजफ्फरनगर से आए जिला विकास प्रबंधक शैलेंद्र पडियार, मुजफ्फरनगर के पीएनबी मंडल कार्यालय के मुख्य प्रबंधक वीपी सिंह मौजूद रहे।
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सिक्कों का मुद्दा उठा
शामली। बैंकों की बैठक में शाखा प्रबंधकों ने कहा कि जन सामान्य से बैंकों द्वारा दस और एक रुपये के सिक्कों को जमा नहीं किए जाने से जनसामान्य में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। असली होने के बावजूद से सिक्के जबरन चलन से बाहर किए जा रहे है। सब्जी विक्रेता, ऑटो चालक और परचून दुकानदार सभी इन्हें लेने से इंकार कर रहे है। नोटबंदी के बाद बैंक द्वारा जारी किए गए सिक्के स्वयं बैंक भी लेने से इंकार कर रहे है। आरबीआई के बार बार कहने के बावजूद बैंक इन सिक्कों को जमा कर रहे है और न ही दुकानदार या अन्य कोई इन्हें लेने को तैयार है जबकि आरबीआई ने दोनों तरह के सिक्कों को असली होने का दावा किया है। अफसरों ने सफाई दी कि आरबीआई के लाख आश्वासन पर भी इन अफवाहों को रोका नहीं जा सका, अगर कोई भी बैंक की शाखा इन सिक्कों को लेने से मना करती हैं तो इसकी शिकायत गोमतीनगर लखनऊ स्थित आरबीआई के कार्यालय में कर सकते है। भारतीय करेंसी को लेने से मना करना कानूनन अपराध हैं।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि शासन की उच्च प्राथमिक योजना में जिले की जनगणना 2011 के अनुसार पांच हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों में बैंक सुविधा रहित गांवों में बैंकिंग आउट लेटस की सुविधा उपलब्ध कराया जाना है। उन्होंने सभी बैंकों में योजना में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताया कि किसानों की आय को 2022 तक दुगना करना योजना में शामिल हैं। पशुपालन योजना, गाय-भैंस, सूकर, भेड़ बकरी, मतस्य पालन जैसी योजना व बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक ऋण दिलाने के निर्देश दिए। एलडीएम हरपाल तोमर ने अवगत कराया कि आधार पंजीकरण सुविधा हेतु चयनित बैंकों की शाखाओं के माध्यम से आधार व मोबाइल नंबर का लिंक किया जाना है।
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डीएम ने प्रधानमंत्री की सामाजिक सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अटल पेंशन योजना ,प्रधान मंत्री मुद्रा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण व शहरी आजीविका योजना में बैंकों का सहयोग न दिए जाने पर संबंधित बैंकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नाबार्ड के मुजफ्फरनगर से आए जिला विकास प्रबंधक शैलेंद्र पडियार, मुजफ्फरनगर के पीएनबी मंडल कार्यालय के मुख्य प्रबंधक वीपी सिंह मौजूद रहे।
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सिक्कों का मुद्दा उठा
शामली। बैंकों की बैठक में शाखा प्रबंधकों ने कहा कि जन सामान्य से बैंकों द्वारा दस और एक रुपये के सिक्कों को जमा नहीं किए जाने से जनसामान्य में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। असली होने के बावजूद से सिक्के जबरन चलन से बाहर किए जा रहे है। सब्जी विक्रेता, ऑटो चालक और परचून दुकानदार सभी इन्हें लेने से इंकार कर रहे है। नोटबंदी के बाद बैंक द्वारा जारी किए गए सिक्के स्वयं बैंक भी लेने से इंकार कर रहे है। आरबीआई के बार बार कहने के बावजूद बैंक इन सिक्कों को जमा कर रहे है और न ही दुकानदार या अन्य कोई इन्हें लेने को तैयार है जबकि आरबीआई ने दोनों तरह के सिक्कों को असली होने का दावा किया है। अफसरों ने सफाई दी कि आरबीआई के लाख आश्वासन पर भी इन अफवाहों को रोका नहीं जा सका, अगर कोई भी बैंक की शाखा इन सिक्कों को लेने से मना करती हैं तो इसकी शिकायत गोमतीनगर लखनऊ स्थित आरबीआई के कार्यालय में कर सकते है। भारतीय करेंसी को लेने से मना करना कानूनन अपराध हैं।