{"_id":"5a0f30f84f1c1bc45b8b6c99","slug":"11510945016-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोटरों की चतुराई से पस्त प्रत्याशियों के गणित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोटरों की चतुराई से पस्त प्रत्याशियों के गणित
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वोटरों की चतुराई से पस्त प्रत्याशियों के गणित
शामली।
नगर निकाय चुनाव में एक दिलचस्प बात भी सामने आ रही है। प्रत्याशी जितनी चतुराई से वोटरों को साधने का प्रयास कर रहे हैं, तो वोटर भी कम चतुर नहीं हैं। कभी एक प्रत्याशी का स्वागत किया जाता है, तो कभी दूसरे के कार्यक्रम में वही लोग दिखाई देते हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के समर्थकों के राजनीतिक आंकड़े भी उलझ रहे हैं। हर कोई अपने हिसाब से आंकड़े फिट बैठा रहा है, लेकिन जनता के मन का फैसला तो एक दिसंबर को मतगणना से ही सामने आएगा।
दरअसल, निकाय चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा अलग अलग वार्डों में स्वागत कराने की होड़ भी मची हुई है, ताकि खुद की मजबूती को प्रदर्शित किया जा सके। उसके लिए क्षेत्रीय लोगों से संपर्क किया जा रहा है, जो स्वागत कार्यक्रम को मैनेज करते हैं। प्रत्याशी को बुलाते हैं, फूल माला पहनाई जाती हैं और जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं। प्रत्याशी को भरोसा दिलाया जाता है कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट तुम्हीं को मिलेंगी। आलम यह है कि किसी मोहल्ले में पहले दिन एक प्रत्याशी का स्वागत होता है, अगले दिन दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में वही लोग जुटे नजर आते हैं। यह इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि अध्यक्ष और वार्ड सभासद के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी सभी जाने पहचाने होते हैं। लिहाजा मतदाता भी सबको भरोसा दे देते हैं। यह बात अलग है कि हर प्रत्याशी के साथ कुछ ऐसे समर्थक भी हैं, जो पूरी मजबूती से अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रयास में लगे हैं।
जातिगत आंकड़े साध रहे प्रत्याशी
चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने जातिगत आंकड़ों को साधते हए जोड़तोड़ शुरु कर दी है। वार्ड में जिस जाति के वोटरों की अधिकता है, वहां उसी जाति के नेताओं को बुलाकर सभा कराई जाती हैं। साथ ही वोटरों को उनके रिश्तेदारों के जरिये भी अपने पक्ष में किया जा रहा है। इसके अलावा जनसंपर्क के दौरान भी ध्यान रखा जा रहा है कि जिस मोहल्ले में वोट मांगने जाना है, वहां के स्थानीय लोगों को साथ लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली।
नगर निकाय चुनाव में एक दिलचस्प बात भी सामने आ रही है। प्रत्याशी जितनी चतुराई से वोटरों को साधने का प्रयास कर रहे हैं, तो वोटर भी कम चतुर नहीं हैं। कभी एक प्रत्याशी का स्वागत किया जाता है, तो कभी दूसरे के कार्यक्रम में वही लोग दिखाई देते हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के समर्थकों के राजनीतिक आंकड़े भी उलझ रहे हैं। हर कोई अपने हिसाब से आंकड़े फिट बैठा रहा है, लेकिन जनता के मन का फैसला तो एक दिसंबर को मतगणना से ही सामने आएगा।
दरअसल, निकाय चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा अलग अलग वार्डों में स्वागत कराने की होड़ भी मची हुई है, ताकि खुद की मजबूती को प्रदर्शित किया जा सके। उसके लिए क्षेत्रीय लोगों से संपर्क किया जा रहा है, जो स्वागत कार्यक्रम को मैनेज करते हैं। प्रत्याशी को बुलाते हैं, फूल माला पहनाई जाती हैं और जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं। प्रत्याशी को भरोसा दिलाया जाता है कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट तुम्हीं को मिलेंगी। आलम यह है कि किसी मोहल्ले में पहले दिन एक प्रत्याशी का स्वागत होता है, अगले दिन दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में वही लोग जुटे नजर आते हैं। यह इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि अध्यक्ष और वार्ड सभासद के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी सभी जाने पहचाने होते हैं। लिहाजा मतदाता भी सबको भरोसा दे देते हैं। यह बात अलग है कि हर प्रत्याशी के साथ कुछ ऐसे समर्थक भी हैं, जो पूरी मजबूती से अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रयास में लगे हैं।
विज्ञापन
जातिगत आंकड़े साध रहे प्रत्याशी
चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने जातिगत आंकड़ों को साधते हए जोड़तोड़ शुरु कर दी है। वार्ड में जिस जाति के वोटरों की अधिकता है, वहां उसी जाति के नेताओं को बुलाकर सभा कराई जाती हैं। साथ ही वोटरों को उनके रिश्तेदारों के जरिये भी अपने पक्ष में किया जा रहा है। इसके अलावा जनसंपर्क के दौरान भी ध्यान रखा जा रहा है कि जिस मोहल्ले में वोट मांगने जाना है, वहां के स्थानीय लोगों को साथ लिया जाए।
विज्ञापन