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ामली में जाम का नहीं समाधान, अभियान नहीं चढ़ रहे परवान
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शामली में जाम का नहीं हुआ समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर में जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। सड़कों और चौराहों से लेकर हर तरफ जाम है। जाम की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुलिस प्रशासन और पालिका अभियान भी परवान नहीं चढ़ रहे हैं। पिछले महीने चला पालिका का अभियान दो दिन चलकर ही बंद हो गया।
शहर में जाम की समस्या लाइलाज हो गई है। शहर की मुख्य सड़कों जाम लगा रहता है। शामली से गुजरने वाले लोगों को भी जाम से जूझना पड़ता है। इसके समाधान के लिए प्रशासन, पालिका और पुलिस विभाग की तरफ से अभी तक जो सक्रिय अभियान नहीं चलाया गया है।
ई रिकशा के रूट निर्धारण लागू नहीं
एआरटीओ विभाग ने नए साल के पहले दिन से ही ई रिक्शा के रूट निर्धारण की कार्य योजना बनाई थी। एआरटीओ प्रशासन इस योजना को लागू कर पाता, उससे पहले ही ई रिकशा चालकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। ई रिकशा चालक शहर में प्रदर्शन और जुलूस निकाल चुके हैं। चालकों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन अभी तक इस योजना को लागू नहीं कर पाया है।
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अतिक्रमण हटाओ अभियान थमा
नगरपालिका प्रशासन ने दिसंबर माह में अतिक्रमण हटाओ अभियान का रोड मैप तैयार किया था। पालिका ने पुलिस के सहयोग से अलग अलग मार्गों का दिन निर्धारण कर अतिक्रमण हटवाने की योजना बनाई थी। पालिका ने इस अभियान की शुरूआत की। एसटी तिराहा से शुरू हुए अभियान मात्र दो दिन ही चल सका। दो दिन में मिल रोड तक ही अतिक्रमण हटवाया गया था। इसके बाद से यह अभियान थम गया। हालांकि पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान शहर में फिर शुरू किया जाएगा।
मंद गति से चल रहा बाईपास निर्माण
शहर के जाम के स्थायी समाधान के लिए शासन की तरफ से लगभग आठ साल से बाईपास का निर्माण कराने की योजना चल रही है। जिला बनने से पहले शुरू हुई योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ी है। बाईपास के लिए बैनामे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। बाईपास निर्माण न होने से भी शहर में जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। बाईपास का निर्माण होने पर शहर को जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
जाम के प्रमुुख कारण
- मेरठ-करनाल हाईवे में गड्ढे होने से भी शहर में वाहनों की स्पीड कम रहती है।
- सड़कों और चौराहों पर ई रिकशा और प्राइवेट बसों का खड़ा होना।
- चौराहों पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक कर्मियों नहीं हैं।
- चालक अपने वाहनों को सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़ा करते हैं।
- दुकानों के बाहर नाली से आगे सामान रखना और उससे आगे सड़क के करीब ठेले खड़े होना।
शहर में जाम से मुक्ति के लिए पालिका की तरफ से अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्य योजना बनाई गई है। पिछले महीने अभियान चलाया गया था। फिर से जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चालान व जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह, ईओ नगरपालिका।
शहर में यातायात संचालन और जाम से निबटने के लिए प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है। कुंभ मेला ड्यूटी में पुलिसकर्मियों की कमी होने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि जाम न लगे। - भंवर सिंह, टीएसआई शामली।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर में जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। सड़कों और चौराहों से लेकर हर तरफ जाम है। जाम की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुलिस प्रशासन और पालिका अभियान भी परवान नहीं चढ़ रहे हैं। पिछले महीने चला पालिका का अभियान दो दिन चलकर ही बंद हो गया।
शहर में जाम की समस्या लाइलाज हो गई है। शहर की मुख्य सड़कों जाम लगा रहता है। शामली से गुजरने वाले लोगों को भी जाम से जूझना पड़ता है। इसके समाधान के लिए प्रशासन, पालिका और पुलिस विभाग की तरफ से अभी तक जो सक्रिय अभियान नहीं चलाया गया है।
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ई रिकशा के रूट निर्धारण लागू नहीं
एआरटीओ विभाग ने नए साल के पहले दिन से ही ई रिक्शा के रूट निर्धारण की कार्य योजना बनाई थी। एआरटीओ प्रशासन इस योजना को लागू कर पाता, उससे पहले ही ई रिकशा चालकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। ई रिकशा चालक शहर में प्रदर्शन और जुलूस निकाल चुके हैं। चालकों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन अभी तक इस योजना को लागू नहीं कर पाया है।
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अतिक्रमण हटाओ अभियान थमा
नगरपालिका प्रशासन ने दिसंबर माह में अतिक्रमण हटाओ अभियान का रोड मैप तैयार किया था। पालिका ने पुलिस के सहयोग से अलग अलग मार्गों का दिन निर्धारण कर अतिक्रमण हटवाने की योजना बनाई थी। पालिका ने इस अभियान की शुरूआत की। एसटी तिराहा से शुरू हुए अभियान मात्र दो दिन ही चल सका। दो दिन में मिल रोड तक ही अतिक्रमण हटवाया गया था। इसके बाद से यह अभियान थम गया। हालांकि पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान शहर में फिर शुरू किया जाएगा।
मंद गति से चल रहा बाईपास निर्माण
शहर के जाम के स्थायी समाधान के लिए शासन की तरफ से लगभग आठ साल से बाईपास का निर्माण कराने की योजना चल रही है। जिला बनने से पहले शुरू हुई योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ी है। बाईपास के लिए बैनामे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। बाईपास निर्माण न होने से भी शहर में जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। बाईपास का निर्माण होने पर शहर को जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
जाम के प्रमुुख कारण
- मेरठ-करनाल हाईवे में गड्ढे होने से भी शहर में वाहनों की स्पीड कम रहती है।
- सड़कों और चौराहों पर ई रिकशा और प्राइवेट बसों का खड़ा होना।
- चौराहों पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक कर्मियों नहीं हैं।
- चालक अपने वाहनों को सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़ा करते हैं।
- दुकानों के बाहर नाली से आगे सामान रखना और उससे आगे सड़क के करीब ठेले खड़े होना।
शहर में जाम से मुक्ति के लिए पालिका की तरफ से अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्य योजना बनाई गई है। पिछले महीने अभियान चलाया गया था। फिर से जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चालान व जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह, ईओ नगरपालिका।
शहर में यातायात संचालन और जाम से निबटने के लिए प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है। कुंभ मेला ड्यूटी में पुलिसकर्मियों की कमी होने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि जाम न लगे। - भंवर सिंह, टीएसआई शामली।