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भाकियू ने जीएसटी को किसानों के लिए नुकसानदेह बताया
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:39 AM IST
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शामली।
भारतीय किसान यूनियन ने जीएसटी पर विरोध जताया है। जीएसटी के कारण फर्टिलाइजर और मशीनरी के दाम बढ़ जाएंगे। भाकियू नेताओं ने कहा कि जीएसटी लागू होने से किसानों की कमर टूट जाएगी।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। भाकियू नेताओं ने एसडीएम सुरजीत सिंह को ज्ञापन देकर जीएसटी पर विरोध जताया। उनका कहना था कि देश का किसान तंगहाली में है। जीएसटी लगने से यूरिया, डाई, जिंक, कीटनाशक दवाइयों के दाम बढ़ने पर किसानों की दुर्दशा हो जाएगी। किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो रहा। बैंकों से लिए गए ऋण पर किसानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार को किसानों की चिंता करनी चाहिए। शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तथा ब्याज दिलाया जाए। विद्युत निगम द्वारा किया जा रहा किसानों का शोषण बंद कराने की मांग की गई है। नलकूपों के कनेक्शन दिलाए जाएं। किसानों को अपने खेतों से मिट्टी उठवाने से रोका नहीं जाए। इसके अलावा यमुना नदी से जेसीबी और पॉकलेन मशीनों से हो रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। क्योंकि अवैध रेत खनन के कारण यमुना नदी में गड्ढे हो रहे हैं और पानी का बहाव यूपी की सीमा में किसानों के खेतों तक पहुंचने की आशंका है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, विनोद निर्वाल, कुलदीप पंवार, हाजी इकराम, ओमपाल सिंह, समरपाल, यासीन प्रधान, सलीम, ईश्वर फौजी आदि मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन ने जीएसटी पर विरोध जताया है। जीएसटी के कारण फर्टिलाइजर और मशीनरी के दाम बढ़ जाएंगे। भाकियू नेताओं ने कहा कि जीएसटी लागू होने से किसानों की कमर टूट जाएगी।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। भाकियू नेताओं ने एसडीएम सुरजीत सिंह को ज्ञापन देकर जीएसटी पर विरोध जताया। उनका कहना था कि देश का किसान तंगहाली में है। जीएसटी लगने से यूरिया, डाई, जिंक, कीटनाशक दवाइयों के दाम बढ़ने पर किसानों की दुर्दशा हो जाएगी। किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो रहा। बैंकों से लिए गए ऋण पर किसानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार को किसानों की चिंता करनी चाहिए। शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तथा ब्याज दिलाया जाए। विद्युत निगम द्वारा किया जा रहा किसानों का शोषण बंद कराने की मांग की गई है। नलकूपों के कनेक्शन दिलाए जाएं। किसानों को अपने खेतों से मिट्टी उठवाने से रोका नहीं जाए। इसके अलावा यमुना नदी से जेसीबी और पॉकलेन मशीनों से हो रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। क्योंकि अवैध रेत खनन के कारण यमुना नदी में गड्ढे हो रहे हैं और पानी का बहाव यूपी की सीमा में किसानों के खेतों तक पहुंचने की आशंका है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, विनोद निर्वाल, कुलदीप पंवार, हाजी इकराम, ओमपाल सिंह, समरपाल, यासीन प्रधान, सलीम, ईश्वर फौजी आदि मौजूद रहे।
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