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पीएम आवास योजना के सर्वे में लापरवाही
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:54 AM IST
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पीएम आवास योजना के सर्वे में लापरवाही
शामली।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लेकर कराए जा रहे सर्वे में लापरवाही बरती जा रही है। जितने आवेदन आ रहे हैं, उसके सापेक्ष सर्वे करके फाइलें नहीं दी जा रही हैं। साथ ही प्रथम किश्त प्राप्त करने के बाद पात्रों को दूसरी किश्त का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में आवेदन करने वाले पात्र लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये की सहायता आवास के लिए दी जाती है। जिले के सभी 10 नगर निकायों में इस योजना के लिए आवेदन भरवाए गए। बुधवार को शामली कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी केबी सिंह ने सर्वे कार्य में संस्था के कर्मियों की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि योजना के लिए चयनित लाभार्थियों को धनराशि हस्तांतरण में कार्यालय को 423 फाइलें मिलनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक 112 फाइलें नहीं मिली हैं। इसके साथ ही जियो टैगिंग में 1141 के सापेक्ष 567 फाइलें आई ,लेकिन 574 फाइलें नहीं भेजी गई। इसके अलावा लाभार्थियों को योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में धनराशि हस्तांतरित नहीं की जा रही है, ऐसे 189 लाभार्थी जिले में हैं जिन्हें दूसरी किश्त दी जानी हैं। इसके अलावा सर्वे में लगी संस्था के कर्मियों द्वारा आवेदकों से सुविधा शुल्क मांगने की शिकायतें भी उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि सर्वे संस्था के कर्मी किसी भी व्यक्ति से सुविधा शुल्क मांगते हैं, तो ऐसे कर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) परियोजना अधिकारी आरपी सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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शामली।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लेकर कराए जा रहे सर्वे में लापरवाही बरती जा रही है। जितने आवेदन आ रहे हैं, उसके सापेक्ष सर्वे करके फाइलें नहीं दी जा रही हैं। साथ ही प्रथम किश्त प्राप्त करने के बाद पात्रों को दूसरी किश्त का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में आवेदन करने वाले पात्र लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये की सहायता आवास के लिए दी जाती है। जिले के सभी 10 नगर निकायों में इस योजना के लिए आवेदन भरवाए गए। बुधवार को शामली कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी केबी सिंह ने सर्वे कार्य में संस्था के कर्मियों की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि योजना के लिए चयनित लाभार्थियों को धनराशि हस्तांतरण में कार्यालय को 423 फाइलें मिलनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक 112 फाइलें नहीं मिली हैं। इसके साथ ही जियो टैगिंग में 1141 के सापेक्ष 567 फाइलें आई ,लेकिन 574 फाइलें नहीं भेजी गई। इसके अलावा लाभार्थियों को योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में धनराशि हस्तांतरित नहीं की जा रही है, ऐसे 189 लाभार्थी जिले में हैं जिन्हें दूसरी किश्त दी जानी हैं। इसके अलावा सर्वे में लगी संस्था के कर्मियों द्वारा आवेदकों से सुविधा शुल्क मांगने की शिकायतें भी उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि सर्वे संस्था के कर्मी किसी भी व्यक्ति से सुविधा शुल्क मांगते हैं, तो ऐसे कर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) परियोजना अधिकारी आरपी सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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