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ऊन तहसील में अधिवक्ताओं का धरना जारी
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:21 AM IST
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ऊन। तहसील बार एसोसिएशन के आह्वान पर चेंबर के लिए भूमि आवंटित करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी धरना दिया। एडीएम के नाम ज्ञापन उप जिलाधिकारी कृष्णपाल तोमर को सौंपा। उधरर, ऊन तहसील परिसर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना की मांग को लेकर धरना भी शुरू हो गया है।
अधिवक्ताओं का चेंबर के लिए तहसील परिसर में भूमि आवंटित किए जाने की मांग को लेकर धरना छह अगस्त से शुरू हुआ था। यह बेमियादी धरना एडीएम केबी सिंह के आश्वासन पर समाप्त हुआ था। एडीएम ने चेंबर के लिए भूमि आवंटित करने के लिए ऊन पुलिस चौकी के बराबर में खसरा नंबर 977 को अधिवक्ताओं को दिए जाने का आश्वासन दिया था। अधिवक्ताओं ने खसरा नंबर 977 की भूमि को विवादित मानकर लेने से इंकार किया था। दो दिन पूर्व ऊन तहसील के अधिवक्ता कुर्सी, मेज लेकर बैठ गए थे। तहसीलदार चंद्रकांता ने पुलिस बल बुुलाकर अधिवक्ताओं का सामान तहसील परिसर से हटवा दिया था। इसके बाद अधिवक्ताओं ने पुन: बेमियादी धरना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को भी अधिवक्ताओं का बेमियादी धरना जारी रहा। धरने में महासचिव राकेश कुमार, रवि सिरोही, सतीश कंडेला, भारत भूषण, नवीन सरोहा, रोहित, सोनू, मोनू, जोगिंदर सिंह, जगदेव सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोनिका गर्ग, अनुज, अखलाक, शादाब, तसव्वर चौहान, सचिन मलिक, सुमित शर्मा, सतवीर सिंह, सफर खान, विनय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। बाद में अधिवक्ताओं ने इस संबंध में एसडीएम कृष्णपाल तोमर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उधर, शुक्रवार को तहसील संघर्ष समिति के संयोजक तेजपाल गुर्जर ने तहसील में शीघ्र रजिस्ट्री दफ्तर की स्थापना एवं क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू कर दिया। इस दौरान समरपाल तोमर, किरण पाल देशपाल, सत्यपाल, ठाकुर देवेंद्र चौधरी, मानसिंह, पुष्पेंद्र कुमार, विजय सिंह, रवि कुमार सहदेव आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ताओं का चेंबर के लिए तहसील परिसर में भूमि आवंटित किए जाने की मांग को लेकर धरना छह अगस्त से शुरू हुआ था। यह बेमियादी धरना एडीएम केबी सिंह के आश्वासन पर समाप्त हुआ था। एडीएम ने चेंबर के लिए भूमि आवंटित करने के लिए ऊन पुलिस चौकी के बराबर में खसरा नंबर 977 को अधिवक्ताओं को दिए जाने का आश्वासन दिया था। अधिवक्ताओं ने खसरा नंबर 977 की भूमि को विवादित मानकर लेने से इंकार किया था। दो दिन पूर्व ऊन तहसील के अधिवक्ता कुर्सी, मेज लेकर बैठ गए थे। तहसीलदार चंद्रकांता ने पुलिस बल बुुलाकर अधिवक्ताओं का सामान तहसील परिसर से हटवा दिया था। इसके बाद अधिवक्ताओं ने पुन: बेमियादी धरना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को भी अधिवक्ताओं का बेमियादी धरना जारी रहा। धरने में महासचिव राकेश कुमार, रवि सिरोही, सतीश कंडेला, भारत भूषण, नवीन सरोहा, रोहित, सोनू, मोनू, जोगिंदर सिंह, जगदेव सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोनिका गर्ग, अनुज, अखलाक, शादाब, तसव्वर चौहान, सचिन मलिक, सुमित शर्मा, सतवीर सिंह, सफर खान, विनय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। बाद में अधिवक्ताओं ने इस संबंध में एसडीएम कृष्णपाल तोमर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उधर, शुक्रवार को तहसील संघर्ष समिति के संयोजक तेजपाल गुर्जर ने तहसील में शीघ्र रजिस्ट्री दफ्तर की स्थापना एवं क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू कर दिया। इस दौरान समरपाल तोमर, किरण पाल देशपाल, सत्यपाल, ठाकुर देवेंद्र चौधरी, मानसिंह, पुष्पेंद्र कुमार, विजय सिंह, रवि कुमार सहदेव आदि मौजूद रहे।
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