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ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई कर मुनाफा बढाया
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:45 AM IST
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शामली।
अपर दोआब शुगर मिल शामली के अधिकारियों ने बनत में पहुंचकर ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई करने वाले किसान के खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान किसान ने बताया कि ट्रेंच विधि से पांच फुट के फासले से बुवाई करने पर सहफसली के तौर पर आलू की पैदावार भी ली। इससे उनका मुनाफा बढ़ गया है।
बृहस्पतिवार को शुगर मिल के अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, ज्येष्ठ प्रबंधक दीपक राणा, उप प्रबंधक कमल त्यागी ने बनत गांव निवासी किसान प्रमोद कुमार और संजीव कुमार के असौजी गन्ना खेतों का निरीक्षण किया। दोनों किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सितंबर 2017 में को-0238 प्रजाति के गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से पांच फुट के फासले पर की थी। इसके साथ ही सहफसली खेती के रूप में आलू की पैदावार ली। आलू की पैदावार 51 क्विंटल प्रति बीघा हुई, जबकि गन्ने की पैदावार भी 140 से 150 क्विंटल प्रति बीघा निकलने की उम्मीद है। किसानों ने बताया कि ट्रेंच विधि से बुवाई करने पर फसल में कीडे़ और बीमारियों का प्रकोप कम रहता है तथा सिंचाई भी कम करनी पड़ती है। इससे फसल पर लागत भी कम हो जाती है।
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अपर दोआब शुगर मिल शामली के अधिकारियों ने बनत में पहुंचकर ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई करने वाले किसान के खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान किसान ने बताया कि ट्रेंच विधि से पांच फुट के फासले से बुवाई करने पर सहफसली के तौर पर आलू की पैदावार भी ली। इससे उनका मुनाफा बढ़ गया है।
बृहस्पतिवार को शुगर मिल के अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, ज्येष्ठ प्रबंधक दीपक राणा, उप प्रबंधक कमल त्यागी ने बनत गांव निवासी किसान प्रमोद कुमार और संजीव कुमार के असौजी गन्ना खेतों का निरीक्षण किया। दोनों किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सितंबर 2017 में को-0238 प्रजाति के गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से पांच फुट के फासले पर की थी। इसके साथ ही सहफसली खेती के रूप में आलू की पैदावार ली। आलू की पैदावार 51 क्विंटल प्रति बीघा हुई, जबकि गन्ने की पैदावार भी 140 से 150 क्विंटल प्रति बीघा निकलने की उम्मीद है। किसानों ने बताया कि ट्रेंच विधि से बुवाई करने पर फसल में कीडे़ और बीमारियों का प्रकोप कम रहता है तथा सिंचाई भी कम करनी पड़ती है। इससे फसल पर लागत भी कम हो जाती है।
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