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कलस्यान खाप को दिलाया मान सम्मान
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:16 AM IST
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शामली। मायापुर फार्म हाउस पर बाबू हुकुम सिंह की श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय खादी ग्रामोद्योग के पूर्व चेयरमैन डॉ. यशवीर सिंह ने कलस्यान खाप के इतिहास से अवगत कराया, तो बाबू हुकुम सिंह के राजनीतिक सफर और इस परिवार की अच्छाइयों से मिले मान सम्मान की खूब सराहना की।
बुधवार को मायापुर फार्म हाउस पर श्रद्धांजलि सभा के दौरान डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि कलस्यान खाप का इतिहास 1200 साल पुराना है। हमारा अतीत राजस्थान के अजमेर से जुड़ा हुआ है। तब हमारा कबीला पृथ्वीराज चौहान के साथ दिल्ली आया था। उसके बाद हम कैराना क्षेत्र में आकर बस गए थे। तब से कलस्यान खाप की सरदारी बाबू हुकुम सिंह के परिवार ने ही संभाली और कलस्यान खाप का मान सम्मान बढ़ाया। बाबू हुकुम सिंह का जितना बड़ा कैनवास श्रद्धांजलि सभा में लगाया गया है, वह हुकुम सिंह के अभूतपूर्व कार्यों की तुलना में बेहद छोटा है, उनके लिए कोई पद मायने नहीं रखता है, क्योंकि उन्होंने कलस्यान खाप का मान सम्मान प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बाबू हुकुम सिंह ने जो झंडा बुलंद किया है, उसे झुकने नहीं देंगे। उनकी विरासत को सहेजकर रखा जाएगा और आगे बढ़ाया जाएगा।
संघ नेताओं ने भी जमकर सराहना
मायापुर फार्म हाउस पर श्रद्धांजलि सभा में आरएसएस के प्रचारक राकेश जैन ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह से उनकी पहली मुलाकात 1996 में हुई थी। बाबू हुकुम सिंह ने कैराना और शामली क्षेत्र में संघ की मजबूती के लिए हमेशा प्रयास किया और कैराना में पहली शाखा भी उन्होंने शुरु कराई थी। इनके अलावा आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक आलोक जी, सहप्रांत प्रचारक कर्मवीर जी तथा संजय भाई जोशी ने भी बाबू हुकुम सिंह के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कैराना और शामली क्षेत्र में आरएसएस को मजबूती प्रदान करने में बाबू हुकुम सिंह का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
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बुधवार को मायापुर फार्म हाउस पर श्रद्धांजलि सभा के दौरान डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि कलस्यान खाप का इतिहास 1200 साल पुराना है। हमारा अतीत राजस्थान के अजमेर से जुड़ा हुआ है। तब हमारा कबीला पृथ्वीराज चौहान के साथ दिल्ली आया था। उसके बाद हम कैराना क्षेत्र में आकर बस गए थे। तब से कलस्यान खाप की सरदारी बाबू हुकुम सिंह के परिवार ने ही संभाली और कलस्यान खाप का मान सम्मान बढ़ाया। बाबू हुकुम सिंह का जितना बड़ा कैनवास श्रद्धांजलि सभा में लगाया गया है, वह हुकुम सिंह के अभूतपूर्व कार्यों की तुलना में बेहद छोटा है, उनके लिए कोई पद मायने नहीं रखता है, क्योंकि उन्होंने कलस्यान खाप का मान सम्मान प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बाबू हुकुम सिंह ने जो झंडा बुलंद किया है, उसे झुकने नहीं देंगे। उनकी विरासत को सहेजकर रखा जाएगा और आगे बढ़ाया जाएगा।
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संघ नेताओं ने भी जमकर सराहना
मायापुर फार्म हाउस पर श्रद्धांजलि सभा में आरएसएस के प्रचारक राकेश जैन ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह से उनकी पहली मुलाकात 1996 में हुई थी। बाबू हुकुम सिंह ने कैराना और शामली क्षेत्र में संघ की मजबूती के लिए हमेशा प्रयास किया और कैराना में पहली शाखा भी उन्होंने शुरु कराई थी। इनके अलावा आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक आलोक जी, सहप्रांत प्रचारक कर्मवीर जी तथा संजय भाई जोशी ने भी बाबू हुकुम सिंह के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कैराना और शामली क्षेत्र में आरएसएस को मजबूती प्रदान करने में बाबू हुकुम सिंह का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
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