{"_id":"5a2053b94f1c1bb6678bf201","slug":"101512068025-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली की दरें बढ़ने से किसानों में गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली की दरें बढ़ने से किसानों में गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली की दरें बढ़ने से किसानों में गुस्सा
शामली। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा उद्योगों को छोड़कर शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की दरों में वृद्धि किए जाने की घोषणा से शहरी ग्रामीण उपभोक्ता पर महंगाई का बोझ आ पड़ा है। शहर से लेकर गांव तक बिजली की दरें बढ़ने से उपभोक्ता आहत हैं। किसानों ने बिजली की दरें बढ़ने के विरोध में बिजलीघर पर धरना- प्रदर्शन की चेतावनी दी हैं।
बृहस्पतिवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा शहरी- घरेलू,किसानों मजदूूूरो व गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यापन करने लोगों की बिजली दरें बढाकर महंगाई का बोझ डाल दिया है। महंगाई के बोझ में जिले के दो लाख बिजली के उपभोक्ता इस दायरे में आ गए हैं। बिजली की दरें बढ़ने से जिला का किसान आहत हैं। बढ़ी दरें के विरोध में किसान जल्द से जल्द से आंदोलन करने के मूड में हैं। ग्राम कुड़ाना के किसान पप्पू मलिक का कहना है कि किसानों का अभी तक नए सत्र में गन्ने का बकाया भुगतान नही मिला है। बिजली के बिलों की समय पर कैसे अदायगी किसान कर पाएगा। उनका कहना है कि बिजली की दरें बढ़ने से किसान जल्द ही आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। ग्राम लिलौन के किसान गजेंद्र का कहना है कि बिजली की दरें बढ़ने के बाद किसान करमूखेड़ी बिजली घर पर धरना प्रदर्शन करके आंदोलन को तेज करेगा। कांधला क्षेत्र के मलकपुर गांव निवासी फिरोज अहमद का कहना है कि बिजली की बढ़ी हुई दरों को किसान बर्दाश्त नही ंकरेगा। ग्राम बहावड़ी निवासी रविंद्र, सहदेव सिंह व ग्राम लांक निवासी सतपाल सिंह का कहना है कि बिजली की दरें बढ़ने से किसानों को सरकार द्वारा अतिरिक्त बोझ डाल दिया हैं। चीनी मिलों द्वारा समय पर किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में किसान बिजली के बिलों का भुगतान कैसे कर पाएगा।
विज्ञापन
शामली। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा उद्योगों को छोड़कर शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की दरों में वृद्धि किए जाने की घोषणा से शहरी ग्रामीण उपभोक्ता पर महंगाई का बोझ आ पड़ा है। शहर से लेकर गांव तक बिजली की दरें बढ़ने से उपभोक्ता आहत हैं। किसानों ने बिजली की दरें बढ़ने के विरोध में बिजलीघर पर धरना- प्रदर्शन की चेतावनी दी हैं।
बृहस्पतिवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा शहरी- घरेलू,किसानों मजदूूूरो व गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यापन करने लोगों की बिजली दरें बढाकर महंगाई का बोझ डाल दिया है। महंगाई के बोझ में जिले के दो लाख बिजली के उपभोक्ता इस दायरे में आ गए हैं। बिजली की दरें बढ़ने से जिला का किसान आहत हैं। बढ़ी दरें के विरोध में किसान जल्द से जल्द से आंदोलन करने के मूड में हैं। ग्राम कुड़ाना के किसान पप्पू मलिक का कहना है कि किसानों का अभी तक नए सत्र में गन्ने का बकाया भुगतान नही मिला है। बिजली के बिलों की समय पर कैसे अदायगी किसान कर पाएगा। उनका कहना है कि बिजली की दरें बढ़ने से किसान जल्द ही आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। ग्राम लिलौन के किसान गजेंद्र का कहना है कि बिजली की दरें बढ़ने के बाद किसान करमूखेड़ी बिजली घर पर धरना प्रदर्शन करके आंदोलन को तेज करेगा। कांधला क्षेत्र के मलकपुर गांव निवासी फिरोज अहमद का कहना है कि बिजली की बढ़ी हुई दरों को किसान बर्दाश्त नही ंकरेगा। ग्राम बहावड़ी निवासी रविंद्र, सहदेव सिंह व ग्राम लांक निवासी सतपाल सिंह का कहना है कि बिजली की दरें बढ़ने से किसानों को सरकार द्वारा अतिरिक्त बोझ डाल दिया हैं। चीनी मिलों द्वारा समय पर किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में किसान बिजली के बिलों का भुगतान कैसे कर पाएगा।
विज्ञापन