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बुलाने पर भी नहीं पहुंचा चिकित्सक, बालिका की मौत
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:59 AM IST
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कांधला।
तीन वर्षीय बच्ची की मौत पर हंगामा की शनिवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर परिजनों संग लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है ।
थाना कांधला क्षेत्र के गांव अंबेहटा निवासी नाजिम की बेटी सिमरा (तीन) को कई दिनों से बुखार आया हुआ था। कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य पर उसका उपचार चल रहा था। हालांकि उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया। शनिवार सुबह बच्ची की हालत बिगड गई। परिवार के लोग करीब आठ बजे सिमरा को चिकित्सालय लेकर पहुंचे। आरोप है कि किसी चिकित्सक के नहीं होने के कारण बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने चिकित्सकों को उनके आवास से बुलाने का प्रयास किया। चिकित्सक वहां पर नहीं पहुंचे। इसके बाद बच्ची की मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बच्ची की मौत से नाराज लोगों ने चिकित्सालय पर जमकर हंगामा प्रदर्शन किया , लेकिन उसके बाद भी वहां पर कोई चिकित्सक नहीं पहुंचे। पीड़ित परिवार के लोगों ने मामले में जिलाधिकारी से कार्रवाई किए जाने की मांग की है। दोपहर के समय गमगीन माहौल में बच्ची का शव सुपुर्द-ए खाक कर दिया गया। उधर, चिकित्सा प्रभारी कांति प्रसाद ने बताया कि उनके पास इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यदि बच्ची को अस्पताल लाने के दौरान चिकित्सक मौजूद नहीं मिले, तो वह जांच कराएंगे।
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तीन वर्षीय बच्ची की मौत पर हंगामा की शनिवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर परिजनों संग लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है ।
थाना कांधला क्षेत्र के गांव अंबेहटा निवासी नाजिम की बेटी सिमरा (तीन) को कई दिनों से बुखार आया हुआ था। कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य पर उसका उपचार चल रहा था। हालांकि उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया। शनिवार सुबह बच्ची की हालत बिगड गई। परिवार के लोग करीब आठ बजे सिमरा को चिकित्सालय लेकर पहुंचे। आरोप है कि किसी चिकित्सक के नहीं होने के कारण बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने चिकित्सकों को उनके आवास से बुलाने का प्रयास किया। चिकित्सक वहां पर नहीं पहुंचे। इसके बाद बच्ची की मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बच्ची की मौत से नाराज लोगों ने चिकित्सालय पर जमकर हंगामा प्रदर्शन किया , लेकिन उसके बाद भी वहां पर कोई चिकित्सक नहीं पहुंचे। पीड़ित परिवार के लोगों ने मामले में जिलाधिकारी से कार्रवाई किए जाने की मांग की है। दोपहर के समय गमगीन माहौल में बच्ची का शव सुपुर्द-ए खाक कर दिया गया। उधर, चिकित्सा प्रभारी कांति प्रसाद ने बताया कि उनके पास इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यदि बच्ची को अस्पताल लाने के दौरान चिकित्सक मौजूद नहीं मिले, तो वह जांच कराएंगे।
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