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बरी प्रसिद्धपुर में तैयार हो रही सैनिकों की पौध
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जैतीपुर(शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव बरी प्रसिद्धपुर में जहां एक और सेना के 18 जवान सीमा पर तैनात हैं, वहीं आठ जवान रिटायर होकर गांव की सेवा कर रहे हैं। यूनिट 25 राजपूत रेजीमेंट सिल्वर पलटन में तैनात गांव निवासी मनोज सिंह अवकाश पर आने के दौरान गांव के युवकों को सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। हालांकि इस ट्रेनिंग सेंटर का संचालन रिटायर फौजियों की देखरेख में हो रहा है।
गांव निवासी फौजी मनोज सिंह एक माह की छुट्टी पर गांव आए तो उन्हें लगा कि अपने गांव के युवाओं को राष्ट्र रक्षा से जोड़ना चाहिए। बस इसी मंशा के साथ उन्होंने गांव में रह रहे रिटायर फौजियों से राय मशवरा किया और गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू किया। गांव में एक खाली मैदान में अब रोजाना सुबह छह बजे से आठ बजे तक युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती है और इन्हें सेना में भर्ती की तकनीकी जानकारियां भी दी जा रही है ताकि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं को भर्ती में जाने के लिए किसी प्रकार की दिक्कत न हो। सेवा निवृत्त सूबेदार बालिस्टर सिंह ने बताया कि युवाओं को इस प्रशिक्षण से सेना में भर्ती होने के लिए काफी लाभ मिलेगा। हम सभी फौजियों की इच्छा है कि गांव के हर घर से एक युवक सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करे।
मैं एक माह के अवकाश पर गांव आया हूं। अपने गांव के युवाओं का उत्साह देखते हुए उन्हें फौज में भर्ती होने के लिए अभ्यास करा रहे हैं। उम्मीद है कि इनमें से कई युवा सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करेंगे।
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मनोज सिंह, फौजी
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गांव निवासी फौजी मनोज सिंह एक माह की छुट्टी पर गांव आए तो उन्हें लगा कि अपने गांव के युवाओं को राष्ट्र रक्षा से जोड़ना चाहिए। बस इसी मंशा के साथ उन्होंने गांव में रह रहे रिटायर फौजियों से राय मशवरा किया और गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू किया। गांव में एक खाली मैदान में अब रोजाना सुबह छह बजे से आठ बजे तक युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती है और इन्हें सेना में भर्ती की तकनीकी जानकारियां भी दी जा रही है ताकि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं को भर्ती में जाने के लिए किसी प्रकार की दिक्कत न हो। सेवा निवृत्त सूबेदार बालिस्टर सिंह ने बताया कि युवाओं को इस प्रशिक्षण से सेना में भर्ती होने के लिए काफी लाभ मिलेगा। हम सभी फौजियों की इच्छा है कि गांव के हर घर से एक युवक सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करे।
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मैं एक माह के अवकाश पर गांव आया हूं। अपने गांव के युवाओं का उत्साह देखते हुए उन्हें फौज में भर्ती होने के लिए अभ्यास करा रहे हैं। उम्मीद है कि इनमें से कई युवा सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करेंगे।
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मनोज सिंह, फौजी