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योग साधकों को कराई शंख प्रक्षालन यौगिक शुद्घि क्रिया
शाहजहांपुर
Updated Sun, 12 Apr 2015 08:33 PM IST
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ऋतु परिवर्तन के समय की जाने वाली शक्तिशाली यौगिक शुद्घि क्रिया शंख प्रक्षालन इकाई द्वारा बाबा विश्वनाथ यात्री निवास में कराई। भारतीय योग संस्थान की जिला इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शहर एवं निगोही के 65 साधकों ने भाग लिया।
इसमें जिला प्रधान पवन सिंह ने बताया कि इस क्रिया में दो गिलास नमकयुक्त गुनगना पानी पीकर पांच आसन किए जाते हैं। इसमें ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, तिर्यक भुजंगासन, कटिचक्रासन, उदराकर्षण आसन को खड़े होकर किया जाता है। कहा कि पानी पीकर इस आसन को दोहराने से पेट की पूरी तरह से सफाई हो जाती है, जिससे अंतवाहिनी नली कंठ से गुदा तक शुद्घ हो जाती है। कहा कि इस क्रिया को करने से पेट से विषैले तत्व निकल जाते हैं, जिससे पेट के रोग सही हो जाते हैं। इस दौरान संस्थान के जिलामंत्री राजीव मिश्र शुद्घि क्रियाओं से श्वसन संबंधी समस्याओं के निस्तारित होने की बात कही। इस दौरान अवधेश प्रजापति, केके शर्मा, चरनपाल गुप्ता, मदनमोहन त्रिपाठी, रामप्रकाश गुप्ता, टीकमचंद मित्तल, सूर्यभान शुक्ला, अवधेश सिंह, सुंदरलाल, बलराम आदि ने मौजूद रहे।
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इसमें जिला प्रधान पवन सिंह ने बताया कि इस क्रिया में दो गिलास नमकयुक्त गुनगना पानी पीकर पांच आसन किए जाते हैं। इसमें ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, तिर्यक भुजंगासन, कटिचक्रासन, उदराकर्षण आसन को खड़े होकर किया जाता है। कहा कि पानी पीकर इस आसन को दोहराने से पेट की पूरी तरह से सफाई हो जाती है, जिससे अंतवाहिनी नली कंठ से गुदा तक शुद्घ हो जाती है। कहा कि इस क्रिया को करने से पेट से विषैले तत्व निकल जाते हैं, जिससे पेट के रोग सही हो जाते हैं। इस दौरान संस्थान के जिलामंत्री राजीव मिश्र शुद्घि क्रियाओं से श्वसन संबंधी समस्याओं के निस्तारित होने की बात कही। इस दौरान अवधेश प्रजापति, केके शर्मा, चरनपाल गुप्ता, मदनमोहन त्रिपाठी, रामप्रकाश गुप्ता, टीकमचंद मित्तल, सूर्यभान शुक्ला, अवधेश सिंह, सुंदरलाल, बलराम आदि ने मौजूद रहे।
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