चिंता भरे दो दिन: शाहजहांपुर में बाढ़ की आशंका से सहमे लोग, तेजी से बढ़ रहा गर्रा नदी का जलस्तर
दियूनी बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गर्रा नदी उफान पर है। अगले दो दिनों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की आशंका से लोग चिंतित हैं। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
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दियूनी बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण शाहजहांपुर में गर्रा नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। अगले दो दिनों में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। पिछले दो वर्षों में बाढ़ की मार झेल चुके शहर के लोगों को इस बार भी परेशानी बढ़ने का डर सताने लगा है।
बृहस्पतिवार को दियूनी बैराज से सुबह आठ बजे 25,544 क्यूसेक और शाम चार बजे 24,678 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे दो दिन पहले भी बैराज से 36,801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार पानी छोड़े जाने का असर गर्रा नदी के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है।
पिछले वर्षों में गर्रा की बाढ़ बनी मुसीबत
पिछले वर्षों में गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने पर तटवर्ती मोहल्लों में पानी पहुंचने से लोगों को आवागमन के साथ ही पानी घर में घुसने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा था। इस बार नदी में फिर बढ़ते पानी ने लोगों की पुरानी मुश्किलों की याद ताजा कर दी है। लोग नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और अगले दो दिन को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोगों से अपील की गई है कि वे डूब क्षेत्र और गर्रा नदी के किनारे नहीं जाएं। प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर जल्द ही बाढ़ शरणालय बना दिए जाएंगे।