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Shahjahanpur News: मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना, भक्तिमय हुआ वातावरण

Wed, 14 Oct 2026 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:27 AM IST
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Worship of Goddess Chandraghanta; the atmosphere becomes filled with devotion.
कुर्रियाकलां क्षेत्र के रामखेड़ा के देवी मंदिर पर भागवत कथा सुनाते व्यास आशीष वाजपेयी। संवाद - फोटो : 1
शाहजहांपुर। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को शहर में मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।
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पुलिस चौकी उस्मान बाग स्थित श्री रुद्र बाला जी धाम में मां चंद्रघंटा का विधि-विधान से पूजन-अर्चना की गई। इस दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने भक्तिभाव से गीत, धार्मिक छंद और माता रानी की महिमा का गुणगान किया। भजनों और छंदों से धाम का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु माता की भक्ति में लीन नजर आए।
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डॉ. पं. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि मां चंद्रघंटा को साहस, शौर्य और शांति की देवी माना जाता है। उनकी आराधना से भक्तों को निर्भयता, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। संकीर्तन में अलका अरोड़ा, दिव्या, डिंपल, मीना गुप्ता, रीना, शांति, अनन्या, रश्मि, रुचि, मीनू, कुसुम आदि की सहभागिता रही।
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श्रीकृष्ण ने ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ की रक्षा की
कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव के देवी माता मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास आशीष वाजपेयी ने परीक्षित के जन्म का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि अश्वत्थामा ने पांडव वंश को समाप्त करने के लिए उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चला दिया था। उत्तरा की पुकार पर श्रीकृष्ण ने गर्भ की रक्षा की, जिसके बाद परीक्षित का जन्म हुआ। कथा श्रवण के लिए विपिन शुक्ला, मोनू सिंह, सूरज शर्मा, बिपिन सिंह और हलधर सिंह मौजूद रहे। संवाद

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नारद मोह का प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
सेहरामऊ दक्षिणी। महमदपुर गांव में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् देवी भागवत महापुराण व मानस सम्मेलन में शुक्रवार को यज्ञाचार्य श्री निर्दोष अग्निहोत्री ने मंत्रोच्चार के साथ अरणिमंथन से अग्निदेव का प्राकट्य कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। कथा व्यास प्रवीण दीक्षित ने नारद मोह का प्रसंग सुनाते हुए भगवान राम के अवतार के कारण बताए। उन्होंने कहा कि भगवान ने राक्षसों का नाश और धर्म की स्थापना के लिए राम रूप में अवतार लिया। प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संवाद

कुर्रियाकलां क्षेत्र के रामखेड़ा के देवी मंदिर पर भागवत कथा सुनाते व्यास आशीष वाजपेयी। संवाद

कुर्रियाकलां क्षेत्र के रामखेड़ा के देवी मंदिर पर भागवत कथा सुनाते व्यास आशीष वाजपेयी। संवाद- फोटो : 1

कुर्रियाकलां क्षेत्र के रामखेड़ा के देवी मंदिर पर भागवत कथा सुनाते व्यास आशीष वाजपेयी। संवाद

कुर्रियाकलां क्षेत्र के रामखेड़ा के देवी मंदिर पर भागवत कथा सुनाते व्यास आशीष वाजपेयी। संवाद- फोटो : 1

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