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गर्म और ऊनी कपड़ों का बाजार सजा, कारोबारियों को ग्राहकों का इंतजार
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शाहजहांपुर के गोविंदगंज बाजार में एक शोरूम पर ग्राहकों को गर्म कपड़े दिखाती सेल्सगर्ल। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। सर्दियां शुरू होने के साथ मंडी से लेकर बहादुरगंज तक और सदर बाजार से गोविंदगंज तक रेेडीमेड और ऊनी कपड़ों की दुकानें नई वैरायटी वाले नए माल से सज गई हैं। दुकानों पर 500 से लेकर 1500 रुपये तक कीमत वाली लोकल कंपनियों की जैकेट आई हैं, जबकि ब्रांडेड कंपनियों की जैकेट 1200 से 4200 रुपये कीमत तक उपलब्ध हैं।
जो लोग कोट-पैंट का कपड़ा लेकर उसे सिलवाने के झंझट से बचना चाहते हैं, उनके लिए सिले-सिलाए कोट 1000 से 3500 रुपये तक और सूट (कोट-पैंट) 5000 से 10000 रुपये में खरीद सकते हैं। इसी तरह आधी आस्तीन से लेकर फुल स्वेटर 400 से 1000 रुपये तक मिल रहे हैं। इसके बावजूद अभी बाजार में ग्राहक कम आ रहे हैं। दुकानदारों का मानना है कि अभी सर्दियों की शुरुआत हुई है और सहालगी सीजन अब आया है। इसलिए अगले कुछ दिनों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
कारोबारियों की बात
इस बार खरगोश के बालों जैसे रोवास कपड़े की जैकेट फैशन में है और ऊन से निर्मित स्वेटरों का दौर लौटा है। इसलिए युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए यही आइटम ज्यादा मंगाए हैं। बिक्री तभी बढ़ेगी, जब लोगों को दिन में भी सर्दी का अहसास होने लगेगा।
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-अखिल कुमार मिश्र, बहादुरगंज
पिछले वर्ष लॉकडाउन के बावजूद गर्म कपड़ों की बिक्री अच्छी हुई थी, लेकिन इस बार अभी ग्राहकों ने निकलना शुरू नहीं किया है। हिंदू मान्यता के अनुसार देवष्ठानी एकादशी से शादी-बरातों का दौर शुरू होता है। इसलिए जल्द बिक्री तेज होने की उम्मीद है।
-मोहन ग्रोवर, बहादुरगंज
रविवार का दिन होने के बावजूद बाजार ग्राहकों से खाली है, इसलिए बिक्री का अंदाजा खुद लगा लें। आम आदमी परेशान है और सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। फसल खराब होने से किसान परेशान हैं और किसानों पर ही हमारा पूरा कारोबार निर्भर है।
-साहिल बत्रा, गोविंदगंज
गर्म कपड़ों का बाजार कारोबार के लिहाज से अभी ठंडा है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए काउंटर के बाहर गर्म कपड़े सजाए हैं, लेकिन कोरोना काल के बाद से लोग अपनी जरूरत के अनुसार सीमित खरीदारी कर रहे हैं। पूरी सर्दियां पड़ी हैं, इसलिए सर्दी बढ़ने का इंतजार है।
-हनी सिंह, गोविंदगंज
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जो लोग कोट-पैंट का कपड़ा लेकर उसे सिलवाने के झंझट से बचना चाहते हैं, उनके लिए सिले-सिलाए कोट 1000 से 3500 रुपये तक और सूट (कोट-पैंट) 5000 से 10000 रुपये में खरीद सकते हैं। इसी तरह आधी आस्तीन से लेकर फुल स्वेटर 400 से 1000 रुपये तक मिल रहे हैं। इसके बावजूद अभी बाजार में ग्राहक कम आ रहे हैं। दुकानदारों का मानना है कि अभी सर्दियों की शुरुआत हुई है और सहालगी सीजन अब आया है। इसलिए अगले कुछ दिनों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
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कारोबारियों की बात
इस बार खरगोश के बालों जैसे रोवास कपड़े की जैकेट फैशन में है और ऊन से निर्मित स्वेटरों का दौर लौटा है। इसलिए युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए यही आइटम ज्यादा मंगाए हैं। बिक्री तभी बढ़ेगी, जब लोगों को दिन में भी सर्दी का अहसास होने लगेगा।
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-अखिल कुमार मिश्र, बहादुरगंज
पिछले वर्ष लॉकडाउन के बावजूद गर्म कपड़ों की बिक्री अच्छी हुई थी, लेकिन इस बार अभी ग्राहकों ने निकलना शुरू नहीं किया है। हिंदू मान्यता के अनुसार देवष्ठानी एकादशी से शादी-बरातों का दौर शुरू होता है। इसलिए जल्द बिक्री तेज होने की उम्मीद है।
-मोहन ग्रोवर, बहादुरगंज
रविवार का दिन होने के बावजूद बाजार ग्राहकों से खाली है, इसलिए बिक्री का अंदाजा खुद लगा लें। आम आदमी परेशान है और सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। फसल खराब होने से किसान परेशान हैं और किसानों पर ही हमारा पूरा कारोबार निर्भर है।
-साहिल बत्रा, गोविंदगंज
गर्म कपड़ों का बाजार कारोबार के लिहाज से अभी ठंडा है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए काउंटर के बाहर गर्म कपड़े सजाए हैं, लेकिन कोरोना काल के बाद से लोग अपनी जरूरत के अनुसार सीमित खरीदारी कर रहे हैं। पूरी सर्दियां पड़ी हैं, इसलिए सर्दी बढ़ने का इंतजार है।
-हनी सिंह, गोविंदगंज