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महिला कल्याण अधिकारी ने दिया इस्तीफा, डीपीओ पर लगाए आरोप

Sun, 17 Apr 2022 12:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 12:04 AM IST
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Women Welfare Officer resigns, accuses DPO
शाहजहांपुर। मानसिक रूप से विक्षिप्त, दिव्यांगों और असहायों के लिए काम करने वाली महिला कल्याण अधिकारी रेखा शर्मा ने जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने डीएम और महिला कल्याण विभाग को अपना इस्तीफा दे दिया। त्यागपत्र में रेखा शर्मा ने आरोप लगाया है कि इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ डीपीओ गौरव मिश्रा ने आरोपों से इनकार किया है।
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इस्तीफे में रेखा शर्मा ने लिखा कि महिला कल्याण विभाग में महिला शक्ति केंद्र स्कीम में महिला कल्याण अधिकारी के पद पर कार्य करते हुए असहाय स्थिति में विचरण कर रहे लावारिसों, विक्षिप्तों, दिव्यांगों को रेस्क्यू कर पुनर्वासित करने का काम किया। अफसोस है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा अनावश्यक सीमाओं में बांधकर सबके सामने उनका अपमान किया जाता है। इस्तीफे में आरोप लगाया कि विक्षिप्त महिलाओं के रेस्क्यू व उनके पुनर्वास के कार्य से उन्हें रोका जाता है।
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वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को लाने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। जबकि, उनके द्वारा अल्प समय में कई महिलाओं को पुनर्वास के लिए भरतपुर आश्रम राजस्थान भेजा जा चका है। कई बार सिर्फ परामर्श से राहत प्रदान पाने वाली महिलाओं को लेेने से भी मना कर देते हैं। आरोप है कि कुछ गर्भवती विक्षिप्त महिलाएं के साथ यौन अपराध होने का अंदेशा रहता है। ऐसी महिलाओं को वन स्टॉप संटर पर रखने की अनुमति नहीं दी जाती है।
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इसके कारण मजबूरी में राजकीय मेडिकल कॉलेज में रखना पड़ता था। सेंटर पर अधिकांश समय ताला पड़ा रहता है या महिला आरक्षियों के भरोसे चलता है। नारी सम्मान योजना में कार्य न करने का आरोप लगाकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

रेखा शर्मा होली से पहले अनुपस्थित चल रही हैं। आए दिन व्हाट्सएप पर छुट्टी मांग लेती हैं। संविदाकर्मी होने के बावजूद खुद को अधिकारी की तरह दर्शाती हैं। इस्तीफे के बाद स्पष्टीकरण मांगना निदेशालय की एक प्रक्रिया है। उनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। - गौरव मिश्रा, डीपीओ
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