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Shahjahanpur News: चूल्हा-चौका करने के साथ खेतीबाड़ी कर आत्मनिर्भर बन गईं महिला किसान, खेलों में बढ़ाए कदम

Fri, 08 Mar 2024 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2024 01:03 AM IST
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Women farmers became self-reliant by doing farming along with cooking, took steps in sports
शाहजहांपुर। महिलाएं घर की चौखट के अंदर चूल्हा-चौका ही नहीं कर रहीं, बल्कि पुरुषों की तरह समान तरीके से खेतीबाड़ी कर महिला किसान का दर्जा प्राप्त कर लिया है। रोजा के कई गांवों में महिलाएं अपना परिवार चलाने के लिए खेती-किसानी कर आत्मनिर्भर बन गईं हैं। बच्चों की परवरिश के साथ ही सब्जी से लेकर गन्ने की फसल कर परिवार की गाड़ी चला रही हैं। खेतों की निराई-गुड़ाई के साथ फसल कटवाने तक की जिम्मेदारी उन्होंने संभाल रखी है तो वहीं खेलों में भी कदम बढ़ाए हैं।
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पति की मौत के बाद खुद संभाली खेती, बेटी की शादी की
रोजा के छीतेपुर गांव निवासी धनीराम की पत्नी पुष्पा देवी ने पति की मौत के बाद खुद खेती की जिम्मेदारी संभाली। उनका परिवार पूर्व से खेती से जुड़ा रहा है। पुष्पा बताती हैं कि पति ने बैंक ऑफ बड़ौदा व सहकारी बैंक से कर्ज लिया। उसकी वसूली आने पर पति ने जीवन समाप्त कर लिया। तीन बेटियों व एक बेटे को पालने के लिए उन्होंने खेती शुरू कर दी। खेती से ही बड़ी बेटी की शादी की। एक किराने की दुकान भी चलाई। इस साल गन्ना खेत में किया है। इसकी गुड़ाई खुद की है। गेहूं, धान और गन्ने की फसल करती हैं।
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खेती और सिलाई कर खुद के साथ दूसरी महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर
रोजा के जलालपुर गांव निवासी फूला देवी पांचवीं तक ही पढ़ी-लिखी हैं, लेकिन अपनी कर्मठता के बलबूते दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रहीं हैं। उन्होंने विनोबा सेवा आश्रम से खेती का प्रशिक्षण लिया और आज अपने पति राजीव कुमार के साथ खेतीबाड़ी को बढ़ावा दे रही हैं। वह मटर, गोभी और आलू की फसल करती हैं। इसके साथ ही गांव में ही सिलाई का कार्य भी कर रहीं हैं, इतना ही नहीं दूसरी महिलाओं को भी सिखाती हैं। फूला देवी बताती हैं कि वह खेती में जैविक खाद का ही प्रयोग करती है, जिससे अच्छी फसल हो रही है।
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महजबी ने नेशनल गेम्स में परचम लहराया, सीएम से मिला सम्मान
हथौड़ा बुजुर्ग में रहने वाली महजबी ने सेपक टाकरा खेल के माध्यम से खुद को साबित किया है और अपने कदम बढ़ा रहीं हैं। बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। इसके बाद वर्ष 2022 में कोलकाता में आयोजित नेशनल गेम्स में प्रतिभाग किया और कांस्य पदक जीतकर अपना, शहर और जिले का नाम रोशन किया है। बताया कि इसी वर्ष 27 जनवरी को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित करते हुए 50 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए हैं। उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर खेलकर देश का नाम रोशन करने का है। वर्तमान में वह एक निजी विद्यालय में खेल प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही स्पोर्ट्स स्टेडियम हथौड़ा में 7-8 बच्चों को सेपक टाकरा का प्रशिक्षण भी दे रहीं हैं।
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