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Shahjahanpur News: तकनीकी खामी दूर होने के साथ किसानों को यूरिया का वितरण शुरू
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चांदपुर। विकास खंड खुटार की चांदपुर साधन सहकारी समिति पर सर्वर और ई-पास मशीन की तकनीकी खामी दूर होते ही बृहस्पतिवार से किसानों को यूरिया का वितरण शुरू कर दिया गया।
कई दिनों से यूरिया के लिए समिति के चक्कर काट रहे किसानों को सर्वर और ई-पॉस मशीन की समस्या बताकर लौटाया जा रहा था। इससे नाराज किसानों ने बुधवार को समिति के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया था। अमर उजाला में बृहस्पतिवार को किसानों को खाद नहीं मिलने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर हरकत में आए समिति प्रबंधन ने सर्वर और मशीन की तकनीकी खामी दूर करके किसानों को खाद का वितरण शुरू कर दिया।
खाद मिलने पर खुश हुए किसानों ने इसके लिए अमर उजाला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समय पर खाद नहीं मिलती तो गन्ने की फसल प्रभावित हो जाती। सचिव मनोज यादव ने बताया कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद खाद वितरण सुचारु रूप से कराया जा रहा है। संवाद
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ई-पास मशीन का साफ्टवेयर अपडेट, अंगूठा लगाते ही सामने आएगा ब्योरा
कांट। सहकारी समिति पर खाद वितरण, बीज की खरीद, फॉर्मर रजिस्ट्री समेत किसान हित की योजनाओं का लाभ अब अंगूठा लगाने पर ही मिल सकेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पास मशीन का सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है।
समितियों, इफको केंद्रों के साथ ही निजी दुकानों पर अब तक आधार कार्ड व खतौनी के आधार पर ई-पास मशीन से खाद मिलती है। इसमें किसान ने कितनी खाद खरीदी। इसकी डिटेल नहीं आती थी। खाद और बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पास मशीन का सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। अंगूठा लगाते ही पूरी डिटेल सामने आ जाएगी।
सहकारी समिति के सचिव सर्वेश ने बताया कि खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद दी जा रही हैं। 15 बीघा जमीन पर एक साल में सात बोरी यूरिया, तीन बोरी डीएपी देने का आदेश है। संवाद
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कई दिनों से यूरिया के लिए समिति के चक्कर काट रहे किसानों को सर्वर और ई-पॉस मशीन की समस्या बताकर लौटाया जा रहा था। इससे नाराज किसानों ने बुधवार को समिति के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया था। अमर उजाला में बृहस्पतिवार को किसानों को खाद नहीं मिलने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर हरकत में आए समिति प्रबंधन ने सर्वर और मशीन की तकनीकी खामी दूर करके किसानों को खाद का वितरण शुरू कर दिया।
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खाद मिलने पर खुश हुए किसानों ने इसके लिए अमर उजाला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समय पर खाद नहीं मिलती तो गन्ने की फसल प्रभावित हो जाती। सचिव मनोज यादव ने बताया कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद खाद वितरण सुचारु रूप से कराया जा रहा है। संवाद
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ई-पास मशीन का साफ्टवेयर अपडेट, अंगूठा लगाते ही सामने आएगा ब्योरा
कांट। सहकारी समिति पर खाद वितरण, बीज की खरीद, फॉर्मर रजिस्ट्री समेत किसान हित की योजनाओं का लाभ अब अंगूठा लगाने पर ही मिल सकेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पास मशीन का सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है।
समितियों, इफको केंद्रों के साथ ही निजी दुकानों पर अब तक आधार कार्ड व खतौनी के आधार पर ई-पास मशीन से खाद मिलती है। इसमें किसान ने कितनी खाद खरीदी। इसकी डिटेल नहीं आती थी। खाद और बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पास मशीन का सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। अंगूठा लगाते ही पूरी डिटेल सामने आ जाएगी।
सहकारी समिति के सचिव सर्वेश ने बताया कि खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद दी जा रही हैं। 15 बीघा जमीन पर एक साल में सात बोरी यूरिया, तीन बोरी डीएपी देने का आदेश है। संवाद