जमीन के टुकड़े के लिए मिटाया सुहाग: अवैध संबंध और लालच में पत्नी ने कराई पति की हत्या, प्रेमी सहित पांच अरेस्ट
पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्याकांड में शामिल सुनील उर्फ टुइयां के सोनी से अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी सोनी के मामा वीरपाल सिंह को थी।
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यूपी के शाहजहांपुर स्थित परौर थाना क्षेत्र के सत्यनगला गांव में राजवीर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मकान और 100 बीघा जमीन को हड़पने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
शुक्रवार की रात करीब 11 बजे मकान के दरवाजे पर राजवीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजवीर मूलरूप से बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी के रहने वाले थे और पांच साल से पत्नी सोनी के मामा वीरपाल के गांव सत्यनगला में मकान बनवाकर रह रहे थे। हत्याकांड के बाद एसपी ने मौका-मुआयना कर एसओजी समेत चार टीमों का गठन किया था। पुलिस की जांच में शक की सुई करीबियों के इर्द-गिर्द ही घूम रही थी।
बयानों में भिन्नता होने और सर्विलांस सेल की सहायता से एसओजी व परौर पुलिस ने घटना का खुलासा किया। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने सुनील कुमार निवासी मोहल्ला याकूबपुर सोलंकी थाना जलालाबाद, मृतक की पत्नी सोनी, उसकी मां चंद्रावती और सोनी के मामा वीरपाल, सोनी के प्रेमी सुनील उर्फ टुइयां निवासी पहाड़पुर थाना मिर्जापुर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने जमीन व मकान के लालच में हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
टुइया की जमीन पर थी सोनी व उसके परिजन की नजर
पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्याकांड में शामिल सुनील उर्फ टुइयां के सोनी से अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी सोनी के मामा वीरपाल सिंह को थी। सोनी के भाई सुनील का अपराधी टुइयां से दोस्ताना था। राजवीर के गांव में बनवाए मकान को सोनी के परिजनों ने मिलकर वीरपाल के नाम करा दिया था। इसके अतिरिक्त सुनील उर्फ टुइयां के पास भी 100 बीघा जमीन थी। इस पर सोनी के मामा की नजर थी। पुलिस के अनुसार, सोनी व परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर टुइयां से राजवीर की हत्या करा दी। वे सोनी व टुइयां की शादी कराकर उसकी जमीन भी अपने नाम कराना चाहते थे।
तख्ती लटकाकर एसपी कार्यालय पहुंचा था टुइयां, 18 मुकदमे हैं दर्ज
18 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला सुनील उर्फ टुइयां 16 मार्च 2022 को पुलिस कार्यालय में तख्ती लटकाकर पहुंचा था। उसने तत्कालीन एसपी देहात संजीव वाजपेयी के सामने अपराध नहीं करने की कसम खाई थी। उस पर हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी आदि के मुकदमे दर्ज थे। उसने एनकाउंटर नहीं करने की अपील की थी। हालांकि, तीन महीने के बाद ही वह एक मामले में जेल चला गया था। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि टुइयां पर विभिन्न अपराधों के 18 मुकदमे दर्ज हैं।