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Shahjahanpur: ओसीएफ रामलीला की तैयारियां शुरू, निकल आए अस्त्र-शस्त्र... मंचन के पूर्वाभ्यास में जुटे कलाकार
Thu, 04 Sep 2025 04:39 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 04 Sep 2025 04:39 PM IST
सार
शाहजहांपुर में दशहरा पर होने वाली रामलीला के मंचन को लेकर ओसीएफ के कलाकारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलाकारों ने अस्त्र-शस्त्र और पोशाकों को निकाल लिया है। संवाद अदायगी व रोल को बेहतर करने के लिए कलाकार रोजाना रिहर्सल कर रहे हैं।
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ओसीएफ में रामलीला के मंचन के लिए अभ्यास करते कलाकार।
- फोटो : संवाद
विस्तार
शाहजहांपुर में रामलीला मंचन के लिए आर्डनेंस क्लोदिंग फैक्टरी (ओसीएफ) के कलाकारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलाकारों ने अस्त्र-शस्त्र और ड्रेस को निकाल लिया है। संवाद अदायगी व रोल को बेहतर करने के लिए कलाकार रोजाना ही पसीना बहा रहे हैं। इस बार कुछ नए दृश्य भी मंचन में दिखाए जाएंगे।
करीब एक वर्ष से सूना पड़ा ओसीएफ के मैदान का ग्रीन रूम रामलीला मंचन की घड़ी नजदीक आते ही गुलजार हो गया है। भूतल पर बने परिसर का नक्शा ही बदल दिया गया। पहले गोदाम जैसे लगने वाला परिसर कलाकारों के फोटो और सीनरी लगाकर बेहतर बना दिया गया है। बुधवार को यहीं पर निर्देशक और रावण का किरदार निभाने वाले अंकित सक्सेना अलमारी से गदा, भाला, तलवारें निकलवाकर सफाई करा रहे थे। रोल करने वालों के ड्रेस भी निकाल लिए गए हैं। अस्त्र-शस्त्र को साफ करने के बाद दूसरी मंजिल पर पूर्वाभ्यास स्थान पर ले जाया गया। यहां का नजारा ही अलग था।
सामने गद्दे पर सारे कलाकार बैठे थे। अंगद-रावण संवाद का दृश्य चल रहा था। लंकेश के रूप में अंकित सक्सेना अपनी सेनापतियों के साथ बैठे थे। सामने अंगद के रूप में संदीप आर्य थे। संवाद अदायगी के जरिये कलाकारों ने किरदार जीवंत कर दिया। इसके अतिरिक्त राम-शत्रुघ्न वनगमन समेत कई दृश्यों को तैयार किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान माहौल पल-पल बदलता रहा। श्रीराम-शत्रुघ्न संवाद से माहौल भावुक हो गया।
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करीब एक वर्ष से सूना पड़ा ओसीएफ के मैदान का ग्रीन रूम रामलीला मंचन की घड़ी नजदीक आते ही गुलजार हो गया है। भूतल पर बने परिसर का नक्शा ही बदल दिया गया। पहले गोदाम जैसे लगने वाला परिसर कलाकारों के फोटो और सीनरी लगाकर बेहतर बना दिया गया है। बुधवार को यहीं पर निर्देशक और रावण का किरदार निभाने वाले अंकित सक्सेना अलमारी से गदा, भाला, तलवारें निकलवाकर सफाई करा रहे थे। रोल करने वालों के ड्रेस भी निकाल लिए गए हैं। अस्त्र-शस्त्र को साफ करने के बाद दूसरी मंजिल पर पूर्वाभ्यास स्थान पर ले जाया गया। यहां का नजारा ही अलग था।
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सामने गद्दे पर सारे कलाकार बैठे थे। अंगद-रावण संवाद का दृश्य चल रहा था। लंकेश के रूप में अंकित सक्सेना अपनी सेनापतियों के साथ बैठे थे। सामने अंगद के रूप में संदीप आर्य थे। संवाद अदायगी के जरिये कलाकारों ने किरदार जीवंत कर दिया। इसके अतिरिक्त राम-शत्रुघ्न वनगमन समेत कई दृश्यों को तैयार किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान माहौल पल-पल बदलता रहा। श्रीराम-शत्रुघ्न संवाद से माहौल भावुक हो गया।
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ये हैं मुख्य कलाकार
मंचन में रोहित कुमार-श्रीराम, देवेंद्र-लक्ष्मणजी, भरत-अंकित अवस्थी, शतुघ्न-रोहित बीएसए, सीता-रानी मिश्रा, कौशल्या-वर्षा वर्मा, सुमित्रा अनामिका आदि का रोल करेंगी।
निर्देशक अंकित सक्सेना ने बताया कि श्रीरामलीला मंचन में वर्ष 2005 से जुड़े हुए हैं। निर्देशन का जिम्मा होने के चलते हर बार कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस बार कुछ नए दृश्य जोड़े हैं, जो दर्शकों को रोमांचित करेंगे। इस बार कुछ नए कलाकार भी जुड़े हैं। हर वर्ष मंचन में परिवर्तन आ रहा है।
रोहित कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2009 से रामलीला मंचन कर रहे हैं। कई वर्ष से श्रीराम का किरदार करते आए हैं। श्रीराम का चरित्र समाज में परिवार को संभालने का संदेश देता है। प्रत्येक वर्ष पूरी ऊर्जा के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का किरदार अदा करते हैं।
रानी मिश्रा ने कहा कि पहले हम रामलीला मंचन दर्शकों की तरह देखने आते थे। पहली बार आने में ही सीता जी का रोल मिल गया था। प्रत्येक वर्ष किरदार के जरिये बेहतर करने का प्रयास रहते हैं। सीताजी के चरित्र से प्रेरणा मिलती हैं।
मंचन में रोहित कुमार-श्रीराम, देवेंद्र-लक्ष्मणजी, भरत-अंकित अवस्थी, शतुघ्न-रोहित बीएसए, सीता-रानी मिश्रा, कौशल्या-वर्षा वर्मा, सुमित्रा अनामिका आदि का रोल करेंगी।
निर्देशक अंकित सक्सेना ने बताया कि श्रीरामलीला मंचन में वर्ष 2005 से जुड़े हुए हैं। निर्देशन का जिम्मा होने के चलते हर बार कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस बार कुछ नए दृश्य जोड़े हैं, जो दर्शकों को रोमांचित करेंगे। इस बार कुछ नए कलाकार भी जुड़े हैं। हर वर्ष मंचन में परिवर्तन आ रहा है।
रोहित कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2009 से रामलीला मंचन कर रहे हैं। कई वर्ष से श्रीराम का किरदार करते आए हैं। श्रीराम का चरित्र समाज में परिवार को संभालने का संदेश देता है। प्रत्येक वर्ष पूरी ऊर्जा के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का किरदार अदा करते हैं।
रानी मिश्रा ने कहा कि पहले हम रामलीला मंचन दर्शकों की तरह देखने आते थे। पहली बार आने में ही सीता जी का रोल मिल गया था। प्रत्येक वर्ष किरदार के जरिये बेहतर करने का प्रयास रहते हैं। सीताजी के चरित्र से प्रेरणा मिलती हैं।