{"_id":"6217d91dd48f0a0af1777814","slug":"we-have-given-our-vote-whatever-government-is-formed-take-care-of-the-people-shahjahanpur-news-bly476498935","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी चौपालः वोट हमने दे दिया है, जो भी सरकार बने, जनता का ख्याल रखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी चौपालः वोट हमने दे दिया है, जो भी सरकार बने, जनता का ख्याल रखे
विज्ञापन
विकासखंड भावलखेड़ा के ग्राम पंचायत रौरा में चुनावी चर्चा करते लोग
- फोटो : SHAHJAHANPUR
सेहरामऊ दक्षिणी/भावलखेड़ा। विकासखंड भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत रौरा में हुई चुनावी चौपाल में सरकार बनने को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। लोगों के अलग-अलग मत हैं। किसी का कहना है कि बदलाव जरूरी है तो किसी ने वर्तमान सरकार की योजनाओं का गुणगान किया। वहीं जनप्रतिनिधियों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई। अरुण कुमार सिंह ने साफ तौर पर कहा कि सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखा। गरीबों को राशन से लेकर हर सुविधा मिली। किसानों को अपने उपज का वाजिफ दाम मिला। बिचौलिए दूर रहे।
बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत अरोरा में हुई चुनावी चौपाल में हर्ष वाजपेयी का कहना था कि जनप्रतिनिधि चाहे कोई भी बने, सरकार चाहे किसी की भी आए, लेकिन गरीबों और आम जनता का हित देखने वाली होनी चाहिए। श्रद्धेय मिश्रा का कहना है कि सरकार ऐसी होनी चाहिए जो कि जनता के हितों को ध्यान में रखे। प्रत्येक समस्या को लेकर सजग रहने वाला प्रतिनिधि ही विकास कार्यों को करा सकता है। ऐसे में जो भी सरकार बने वह मूलभूत मुद्दों पर प्रकाश डाले।
हीरालाल का कहना है कि निवर्तमान सरकार ने छुट्टा पशुओं पर कोई भी ध्यान नहीं दिया। पशु किसानों की फसल को चौपट करते रहे। इससे किसान त्रस्त हो गए और उन्हें घाटे का सामना करना पड़ा। जनप्रतिनिधि इस ओर विशेष ध्यान दें। धीरेंद्र सिंह ने बताया कि आगामी 10 मार्च को नतीजे सामने आ जाएंगे। कोई भी सरकार बने, यह ध्यान रखना चाहिए कि वह जनता के बदौलत बनी है। जनता के मुद्दों और मांगों को जनप्रतिनिधियों को ध्यान में रखना चाहिए।
विज्ञापन
रामप्रकाश मिश्रा कहते हैं कि गांव का पंचायत भवन अभी तक अधूरा पड़ा है। जनता को दिखाने के लिए विकास कार्य कर दिए जाते हैं, लेकिन उनको पूरा नहीं कराया जाता। जनता बेवकूफ नहीं है। जो जनप्रतिनिधि अपने वायदे पर खरा न उतरे उसको सरकार में शामिल होने का कोई हक नहीं। ऐसे में सरकार का जनता से जुड़ा होना बेहद आवश्यक है। राजनाथ वाजपेयी कहते हैं कि आम जनता के तीन ही मुद्दे होते हैं। रोटी, कपड़ा और मकान जो सरकार इन तीनों मुद्दों पर अहम तौर पर ध्यान देकर कार्य कराती है। वहीं सरकार आम जन के हितैषी मानी जाती है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत अरोरा में हुई चुनावी चौपाल में हर्ष वाजपेयी का कहना था कि जनप्रतिनिधि चाहे कोई भी बने, सरकार चाहे किसी की भी आए, लेकिन गरीबों और आम जनता का हित देखने वाली होनी चाहिए। श्रद्धेय मिश्रा का कहना है कि सरकार ऐसी होनी चाहिए जो कि जनता के हितों को ध्यान में रखे। प्रत्येक समस्या को लेकर सजग रहने वाला प्रतिनिधि ही विकास कार्यों को करा सकता है। ऐसे में जो भी सरकार बने वह मूलभूत मुद्दों पर प्रकाश डाले।
विज्ञापन
हीरालाल का कहना है कि निवर्तमान सरकार ने छुट्टा पशुओं पर कोई भी ध्यान नहीं दिया। पशु किसानों की फसल को चौपट करते रहे। इससे किसान त्रस्त हो गए और उन्हें घाटे का सामना करना पड़ा। जनप्रतिनिधि इस ओर विशेष ध्यान दें। धीरेंद्र सिंह ने बताया कि आगामी 10 मार्च को नतीजे सामने आ जाएंगे। कोई भी सरकार बने, यह ध्यान रखना चाहिए कि वह जनता के बदौलत बनी है। जनता के मुद्दों और मांगों को जनप्रतिनिधियों को ध्यान में रखना चाहिए।
विज्ञापन
रामप्रकाश मिश्रा कहते हैं कि गांव का पंचायत भवन अभी तक अधूरा पड़ा है। जनता को दिखाने के लिए विकास कार्य कर दिए जाते हैं, लेकिन उनको पूरा नहीं कराया जाता। जनता बेवकूफ नहीं है। जो जनप्रतिनिधि अपने वायदे पर खरा न उतरे उसको सरकार में शामिल होने का कोई हक नहीं। ऐसे में सरकार का जनता से जुड़ा होना बेहद आवश्यक है। राजनाथ वाजपेयी कहते हैं कि आम जनता के तीन ही मुद्दे होते हैं। रोटी, कपड़ा और मकान जो सरकार इन तीनों मुद्दों पर अहम तौर पर ध्यान देकर कार्य कराती है। वहीं सरकार आम जन के हितैषी मानी जाती है।