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खस्ताहाल सड़कों का होगा कायाकल्प
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:39 AM IST
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जिले में अर्से से खस्ताहाल सड़कों के कायाकल्प होने के आसार नजर आने लगे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फरमान के बाद लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने अपने क्षेत्रों की जर्जर सड़कों का सर्वे कराकर ई-टेंडर स्वीकृत करने शुरू कर दिए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो अगले दो माह के अंदर जिले की करीब 2000 किमी लंबी आठ सौ से अधिक सड़कों के गड्ढे भर दिए जाएंगे।
जिले में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग-24 समेत पलिया-दिल्ली, बरेली-लखनऊ वाया बीसलपुर हरदोई और कटरा-बिल्हौर वाया जलालाबाद स्टेट हाईवे हैं। इन मार्गों का रखरखाव केंद्र और राज्य सरकार एनएचएआई समेत अन्य निर्माण एजेंसियों से कराती है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत जिला योजना और गन्ना विभाग की ओर से बनाई जाने वाली ग्रामीण अंचल की सड़कों के नियमित रखरखाव की कोई कारगर व्यवस्था नहीं है।
इस कारण इन सड़कों का एक बार निर्माण होने के बाद उन्हें साल-दर-साल उपेक्षित किया जाता रहा। पुवायां-बंडा मार्ग, कटरा-खुदागंज मार्ग और दो स्टेट हाईवे को आपस में जोड़ने वाले पुवायां-मोहम्मदी मार्ग इसके प्रमाण हैं। इन रास्तों पर दशकाें पहले बिछाया गया बजरी-कोलतार हर दस कदम के फासले पर उखड़ चुका है और वहां जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने इन्हीं मार्गों पर फोकस किया है।
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इंसेट
प्रांतीय खंड ने मांगे दो सौ से अधिक टेंडर
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधीन नेशनल हाईवे के उत्तर दिशा की सभी सड़कें शामिल हैं। इसके लिए अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि विभाग के पंजीकृत ठेकेदारों से करीब एक हजार किमी लंबी दो सौ से अधिक सड़कों के टेंडर मांगे हैं। इसके साथ ही ठेकेदारों को गिट्टी, बजरी, रोड़ी, कोलतार आदि निर्माण सामग्री का स्टॉक जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
इंसेट
युद्ध स्तर पर तैयारी में जुटा निर्माण खंड-एक
नेशनल हाईवे के दक्षिणी दिशा में सड़कों की देखरेख करने वाले लोनिवि के निर्माण खंड-एक ने भी जर्जर मार्गों की दशा संवारने की युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अधिशासी अभियंता जेपी सिंह ने बताया कि उनके अधीन विभिन्न श्रेणियों की 725 किमी लंबी 410 ऐसी सड़कें चिन्हित की गई हैं, जिन्हें गड्ढा मुक्त कराया जाना है। एक्सईएन के अनुसार इन सभी सड़कों के ई-टेंडर स्वीकृत किए जा रहे हैं।
इंसेट
निर्माण खंड-दो सुधारेगा 258 किमी सड़कें
पीएमजेएसवाई से निर्मित सड़कों की देखरेख कर रहे लोनिवि निर्माण खंड-दो के अधिशासी अभियंता नरेश चंद्र ने बताया कि उनके अधीन 258 किमी लंबी 105 सड़कें सर्वेक्षण में मरम्मत के लायक पाई गई हैं। हालांकि, कुछ सड़कें पहले की हैं, जिनकी हर पांच साल पर नियमित प्रक्रिया के अनुरूप मरम्मत कराई जाती है। उन्होंने कहा कि गड्ढा मुक्त अभियान में सभी जर्जर सड़कों को शामिल किया जा रहा है।
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जिले में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग-24 समेत पलिया-दिल्ली, बरेली-लखनऊ वाया बीसलपुर हरदोई और कटरा-बिल्हौर वाया जलालाबाद स्टेट हाईवे हैं। इन मार्गों का रखरखाव केंद्र और राज्य सरकार एनएचएआई समेत अन्य निर्माण एजेंसियों से कराती है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत जिला योजना और गन्ना विभाग की ओर से बनाई जाने वाली ग्रामीण अंचल की सड़कों के नियमित रखरखाव की कोई कारगर व्यवस्था नहीं है।
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इस कारण इन सड़कों का एक बार निर्माण होने के बाद उन्हें साल-दर-साल उपेक्षित किया जाता रहा। पुवायां-बंडा मार्ग, कटरा-खुदागंज मार्ग और दो स्टेट हाईवे को आपस में जोड़ने वाले पुवायां-मोहम्मदी मार्ग इसके प्रमाण हैं। इन रास्तों पर दशकाें पहले बिछाया गया बजरी-कोलतार हर दस कदम के फासले पर उखड़ चुका है और वहां जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने इन्हीं मार्गों पर फोकस किया है।
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प्रांतीय खंड ने मांगे दो सौ से अधिक टेंडर
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधीन नेशनल हाईवे के उत्तर दिशा की सभी सड़कें शामिल हैं। इसके लिए अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि विभाग के पंजीकृत ठेकेदारों से करीब एक हजार किमी लंबी दो सौ से अधिक सड़कों के टेंडर मांगे हैं। इसके साथ ही ठेकेदारों को गिट्टी, बजरी, रोड़ी, कोलतार आदि निर्माण सामग्री का स्टॉक जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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युद्ध स्तर पर तैयारी में जुटा निर्माण खंड-एक
नेशनल हाईवे के दक्षिणी दिशा में सड़कों की देखरेख करने वाले लोनिवि के निर्माण खंड-एक ने भी जर्जर मार्गों की दशा संवारने की युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अधिशासी अभियंता जेपी सिंह ने बताया कि उनके अधीन विभिन्न श्रेणियों की 725 किमी लंबी 410 ऐसी सड़कें चिन्हित की गई हैं, जिन्हें गड्ढा मुक्त कराया जाना है। एक्सईएन के अनुसार इन सभी सड़कों के ई-टेंडर स्वीकृत किए जा रहे हैं।
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निर्माण खंड-दो सुधारेगा 258 किमी सड़कें
पीएमजेएसवाई से निर्मित सड़कों की देखरेख कर रहे लोनिवि निर्माण खंड-दो के अधिशासी अभियंता नरेश चंद्र ने बताया कि उनके अधीन 258 किमी लंबी 105 सड़कें सर्वेक्षण में मरम्मत के लायक पाई गई हैं। हालांकि, कुछ सड़कें पहले की हैं, जिनकी हर पांच साल पर नियमित प्रक्रिया के अनुरूप मरम्मत कराई जाती है। उन्होंने कहा कि गड्ढा मुक्त अभियान में सभी जर्जर सड़कों को शामिल किया जा रहा है।