{"_id":"67f575e11b209772450f3e5d","slug":"waqf-property-matching-of-impure-properties-of-portal-started-from-section-37-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-141268-2025-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"वक्फ संपत्ति : पोर्टल की अशुद्ध संपत्तियों का दफा 37 से मिलान शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वक्फ संपत्ति : पोर्टल की अशुद्ध संपत्तियों का दफा 37 से मिलान शुरू
Wed, 09 Apr 2025 12:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:45 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। भारत सरकार की टीम द्वारा वामसी पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों और अल्पसंख्यक विभाग में दफा-37 के तहत अभिलेखों में पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का मिलान शुरू कर दिया है। वक्फ संपत्तियों के डाटा को शुद्ध करने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिर शासन से आने वाले निर्देशों के तहत काम शुरू होगा।
शाहजहांपुर में वक्फ की 2885 संपत्तियां दर्ज हैं। वहीं, दूसरी ओर भारत सरकार की ओर से आई टीम ने अपना सर्वे कर उसका डाटा वामसी पोर्टल पर अपलोड किया था। उसमें 4740 संपत्तियां अपलोड की गईं। अल्पसंख्यक कार्यालय के अफसरों की मानें तो टीम ने अपने स्तर से संपत्तियों की गणना की। उनके रिकार्ड में किसी भी मस्जिद को एक वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। जबकि टीम ने मस्जिद को अलग और उसकी दुकानों के नंबरों के साथ गणना कर अपलोड कर संख्या को बढ़ा दिया। अब पोर्टल और दफा-37 के तहत दर्ज वक्फ संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि संपत्तियों का सत्यापन नहीं हो रहा। बल्कि विभागीय स्तर पर अभिलेखों व पोर्टल पर मिलान कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर में वक्फ की 2885 संपत्तियां दर्ज हैं। वहीं, दूसरी ओर भारत सरकार की ओर से आई टीम ने अपना सर्वे कर उसका डाटा वामसी पोर्टल पर अपलोड किया था। उसमें 4740 संपत्तियां अपलोड की गईं। अल्पसंख्यक कार्यालय के अफसरों की मानें तो टीम ने अपने स्तर से संपत्तियों की गणना की। उनके रिकार्ड में किसी भी मस्जिद को एक वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। जबकि टीम ने मस्जिद को अलग और उसकी दुकानों के नंबरों के साथ गणना कर अपलोड कर संख्या को बढ़ा दिया। अब पोर्टल और दफा-37 के तहत दर्ज वक्फ संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है।
विज्ञापन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि संपत्तियों का सत्यापन नहीं हो रहा। बल्कि विभागीय स्तर पर अभिलेखों व पोर्टल पर मिलान कर रहे हैं।
विज्ञापन