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बच्चों पर वायरल का वार, मेडिकल कॉलेज में कम पड़े बेड
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बृहस्पतिवार को ट्रामा सेंटर में मरीजों की बढ़ी संख्या। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुुर। बड़ी संख्या में बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो माह से लेकर करीब 12 वर्ष तक के बुखार से पीड़ित बच्चे भर्ती हैं। ट्रॉमा सेंटर में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्राचार्य ने बेड कम पड़ने पर मरीजों के लिए दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमर्जेंसी वार्ड में 20 बच्चे भर्ती थे। बुखार से पीड़ित बच्चों में निमोनिया, खांसी-जुकाम की दिक्कत थी। कुछ ऐसे भी बच्चे हैं, जो पिछले करीब दस दिन से बच्चा वार्ड में भर्ती हैं। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले नए मरीजों को लिटाने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। लोग स्ट्रेचर के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं।
बृहस्पतिवार को ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भीड़ देखकर प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने नई बिल्डिंग में दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। करीब एक महीने पहले नई बिल्डिंग में 50 बेड बढ़ाए गए थे। इसके बावजूद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज में संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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ट्रॉमा सेंटर में संसाधन नाकाफी
बृहस्पतिवार को भी बीते दो दिनों जैसे हालात देखने को मिले। एक-एक स्ट्रेचर दो-दो मरीज लेटे थे। जगह न होने पर स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीजों लगाई जाने वाली बोतलें लोहे के जाल में बंधी थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की नई और पुरानी बिल्डिंग में करीब 400 बेड हैं, बृहस्पतिवार को सभी बेड फुल थे। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले नए मरीजों को लौटना पड़ रहा है या फिर कई घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जरूरत है सबसे पहले ट्रॉमा सेंटर में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए स्ट्रेचर और बेड की व्यवस्था करना।
बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड फुल हो चुके हैं। फिर भी मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बुखार से पीड़ित करीब 20 बच्चे भर्ती हैं। बेहतर व्यवस्था देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज
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जिले में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमर्जेंसी वार्ड में 20 बच्चे भर्ती थे। बुखार से पीड़ित बच्चों में निमोनिया, खांसी-जुकाम की दिक्कत थी। कुछ ऐसे भी बच्चे हैं, जो पिछले करीब दस दिन से बच्चा वार्ड में भर्ती हैं। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले नए मरीजों को लिटाने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। लोग स्ट्रेचर के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भीड़ देखकर प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने नई बिल्डिंग में दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। करीब एक महीने पहले नई बिल्डिंग में 50 बेड बढ़ाए गए थे। इसके बावजूद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज में संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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ट्रॉमा सेंटर में संसाधन नाकाफी
बृहस्पतिवार को भी बीते दो दिनों जैसे हालात देखने को मिले। एक-एक स्ट्रेचर दो-दो मरीज लेटे थे। जगह न होने पर स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीजों लगाई जाने वाली बोतलें लोहे के जाल में बंधी थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की नई और पुरानी बिल्डिंग में करीब 400 बेड हैं, बृहस्पतिवार को सभी बेड फुल थे। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले नए मरीजों को लौटना पड़ रहा है या फिर कई घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जरूरत है सबसे पहले ट्रॉमा सेंटर में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए स्ट्रेचर और बेड की व्यवस्था करना।
बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड फुल हो चुके हैं। फिर भी मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बुखार से पीड़ित करीब 20 बच्चे भर्ती हैं। बेहतर व्यवस्था देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज