फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Villages adopted by officers crawling on the path of development

विकास की डगर पर रेंग रहे अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए गांव

Mon, 11 Jul 2022 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 12:52 AM IST
विज्ञापन
Villages adopted by officers crawling on the path of development
शाहजहांपुर के विकास खड भावलखेड़ा के गांव सिसौआ में जर्जर हो चुके रास्ते पर भरा नालियों का पानी और - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर/रौसर कोठी। अधिकारियों ने पांच वर्ष पहले जिन गांवों की दशा सुधारने को गोद लिया था, वे अभी तक विकास की दौड़ में काफी पीछे हैं। ऐसे अधिकांश गांव बुनियादी सुविधाओं के मामले में घुटनों के बल घिसट रहे हैं। तत्कालीन डीएम के गोद लिए भावलखेड़ा ब्लॉक के दो गांवों का यही हाल है और सबकी समस्याएं एक समान है। वहां बिजली, पेयजल, पथ प्रकाश, सफाई जैसी मूलभूत जरूरतों से जुड़ी कमियां यही जाहिर करती हैं कि विकास से जुड़े अधिकारियों ने इन गांवों को उनके हाल पर उपेक्षित छोड़ रखा है।
विज्ञापन

सिसौआ के रास्ते खस्ताहाल, खराब पड़े हैंडपंप
रौसर कोठी। पांच वर्ष पहले तत्कालीन डीएम के गोद लिए भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव सिसौआ में कोई कार्य नहीं होने ने से गांव की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है। यही नहीं, जो काम कराए गए, उनकी उपयोगिता भी सवालों के घेरे में है। गांव में पांच सरकारी हैंडपंप कई माह से खराब पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही। गांव के लोग चंदा कर नल सही करा लेते हैं। गांव की गलियों में नालियां टूट चुकी हैं और खड़ंजे उखड़ गए हैं। इस वजह से गलियों में पानी भरा रहता है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में गांव की गलियां तालाब में बदल जाती हैं। किसी कारण से बिजली खराब होने पर सूचना दिए जाने के बावजूद विभाग के कर्मचारी ठीक करने के लिए नहीं पहुंचते हैं और यह काम भी गांव वालों को अपने पैसे से कराना पड़ता है। गांव में सफाई व्यवस्था के लिए दो कर्मचारी तैनात हैं लेकिन जगह-जगह गंदगी के ढेर दिख रहे हैं।
विज्ञापन

रौसर में अधूरा पड़ा नाला का निर्माण कार्य
रौसर कोठी। भावलखेड़ा ब्लॉक का रौसर गांव भी डीएम ने गोद लिया था, लेकिन प्रधानी के बीते कार्यकाल के दौरान गांव में विकास के कोई खास काम नहीं कराए गए। मौजूदा ग्राम प्रधान गुड्डी देवी ने कार्यभार संभालते ही गांव के लंबित विकास कार्यों को रफ्तार देनी शुरू की। तब से गांव की तीन गलियों पर इंटरलॉकिंग कराई गई और नालियों समेत पंचायत घर का निर्माण कराया जा चुका है। लंबे समय से खराब पड़े कई हैंडपंप रीबोर करा कर चालू कर दिए गए, लेकिन नालियों का पानी निकलने के लिए नाले का निर्माण कार्य अधूरा हैं। ठेकेदार ने नाला के लिए खाई की खोदाई कराकर उसे छोड़ दिया। अब उस पर घास उग आई है। नाला जल्द नहीं बना तो बारिश में गांव के लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा। गांव में गंदगी समेटने के लिए सिर्फ एक सफाई कर्मचारी तैनात है, लेकिन सफाई व्यवस्था बदहाल है। नालियां चोक हो रही हैं और उनका पानी रास्तों में भर रहा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच वर्ष पहले जो गांव गोद लिए गए, उनमें वित्त वर्ष वार विकास के काम कराए जाते रहे हैं। इसके बावजूद यदि कोई कमियां रह गई हैं, तो उन्हें दिखवाकर उन पर जरूरी काम कराए जाएंगे। भावलखेड़ा के खंड विकास अधिकारी और संबंधित प्रधानों से इस बारे में वार्ता करूंगा। साथ ही क्षेत्रीय पंचायत सचिवों से सिसौआ और रौसर गांव का भ्रमण कराकर आवश्यक कार्य तय किए जाएंगे। -पवन कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed