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Shahjahanpur News: डेंगू से युवती समेत दो की मौत
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शाहजहांपुर। जिले में डेंगू के प्रकोप के चलते युवती समेत दो लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने 443 लोगों की जांच की, जिसमें एक डेंगू का मरीज मिला, जबकि मलेरिया का कोई रोगी सामने नहीं आया।
शहर के मोहल्ला बाडूजई निवासी आफताब अहमद की 22 वर्षीय बेटी मंतशा को चार दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार को परिजन उसे अस्पताल लेकर गए। रात करीब आठ बजे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
कलान। क्षेत्र के ग्राम जुंही निवासी भूपेंद्र सिंह के 17 वर्षीय पुत्र कुलदीप को शुक्रवार को बुखार आ गया। परिजन के अनुसार, डॉक्टर ने उसे डेंगू बताया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उसका उपचार कराया गया। शनिवार को हालत बिगड़ने पर परिजन इलाज के लिए फर्रुखाबाद लेकर जा रहे थे। रास्ते में घटियाघाट के पास उसकी मौत हो गई।
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नहीं मिला कोई मलेरिया का मरीज
जिले की सीएचसी-पीएचसी पर रविवार को अवकाश के दिन 3057 मरीजों का उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त संक्रामक रोगों वाले क्षेत्रों में कैंप लगाकर मरीजों को दवा का वितरण किया। इस बीच 1599 घरों में लार्वा भी नष्ट कराए गए।
स्वास्थ्य इकाइयों पर 76 मरीज भर्ती हैं। इनमें 11 की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। खास बात यह रही कि मलेरिया का कोई भी रोगी जांच में नहीं मिला।
सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया गया। जिन क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियां फैली हैं। वहां पर स्वास्थ्य कैंप लगाकर मरीजों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
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शहर के मोहल्ला बाडूजई निवासी आफताब अहमद की 22 वर्षीय बेटी मंतशा को चार दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार को परिजन उसे अस्पताल लेकर गए। रात करीब आठ बजे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
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कलान। क्षेत्र के ग्राम जुंही निवासी भूपेंद्र सिंह के 17 वर्षीय पुत्र कुलदीप को शुक्रवार को बुखार आ गया। परिजन के अनुसार, डॉक्टर ने उसे डेंगू बताया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उसका उपचार कराया गया। शनिवार को हालत बिगड़ने पर परिजन इलाज के लिए फर्रुखाबाद लेकर जा रहे थे। रास्ते में घटियाघाट के पास उसकी मौत हो गई।
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नहीं मिला कोई मलेरिया का मरीज
जिले की सीएचसी-पीएचसी पर रविवार को अवकाश के दिन 3057 मरीजों का उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त संक्रामक रोगों वाले क्षेत्रों में कैंप लगाकर मरीजों को दवा का वितरण किया। इस बीच 1599 घरों में लार्वा भी नष्ट कराए गए।
स्वास्थ्य इकाइयों पर 76 मरीज भर्ती हैं। इनमें 11 की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। खास बात यह रही कि मलेरिया का कोई भी रोगी जांच में नहीं मिला।
सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया गया। जिन क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियां फैली हैं। वहां पर स्वास्थ्य कैंप लगाकर मरीजों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।