दो परिवारों के बुझे चिराग: शाहजहांपुर में रील बनाने के चक्कर में दो दोस्तों की मौत, रामगंगा नदी में डूबे
शाहजहांपुर के अल्हागंज इलाके में रील बनाने के शौक में दो दोस्तों की जान चली गई। दोनों दोस्त रामगंगा नदी किनारे रील बनाने गए थे और फिर नदी में नहाने लगे। गहरे पानी में डूबकर दोनों की मौत हो गई। 12 घंटे बाद रविवार को दोनों के शव नदी से निकाले गए।
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शाहजहांपुर के अल्हागंज क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के पास रामगंगा नदी में शनिवार शाम डूबे 18 वर्षीय उत्कर्ष और सर्वज्ञ के शव 12 घंटे के बाद एसडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिए हैं। दोनों नहाते समय गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों युवक रील बनाने के लिए वहां पहले भी कई बार जा चुके थे और इसी शौक में दोनों की जान चली गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यही तथ्य सामने आया है।
बस्ती जिले के निवासी दिवाकर और फैजाबाद जिले के सिविल लाइन के हौंसला नगर निवासी अमन श्रीवास्तव हरदोई जिले की डीसीएम शुगर मिल रूपापुर में कार्यरत हैं। केन मैनेजर दिवाकर का 18 वर्षीय पुत्र उत्कर्ष, अमन का पुत्र सर्वज्ञ व उसका 15 वर्षीय साथी काव्य शनिवार शाम स्कूटी से घूमने निकले थे। दोनों घर से समोसा लेने की बात कहकर निकले थे। इस बीच रघुनाथपुर गांव के पास रामगंगा नदी किनारे पहुंचने पर उत्कर्ष नहाने के लिए नदी में उतरते ही गहरे पानी में चला गया।
उसे डूबता देख सर्वज्ञ उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा, लेकिन दोनों ही तैर नहीं पाने के कारण नदी की गहराई में समा गए। उनके साथ मौजूद काव्य ने शोर मचाकर ग्रामीणों और परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की तलाश का अभियान शुरू किया गया। मछुआरों और स्थानीय लोगों की मदद से तलाश की गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण तलाश बंद कर दी गई थी। रविवार की सुबह एसडीआरएफ ने खोजना शुरू कर दिया। भुड़िया गांव के पास उत्कर्ष को शव खोज निकाला।
शव देख बिलख उठे परिजन
इसके करीब दो घंटे बाद वहीं से सर्वज्ञ का शव नदी की गहराई से निकाला गया। शव देखते ही वहां मौजूद दोनों परिवारों के लोग बिलख उठे। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक अपने परिवारों के इकलौते पुत्र थे। हादसे में दो परिवारों के चिराग बुझ जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि पुलिस स्तर से अब तक हुई जांच से पता चला है कि दोनों युवक और उनका किशोर साथी रील बनाने और फोटो खींचने के शौकीन थे। इस शौक को पूरा करने के लिए वह इससे पहले भी कई बार वहां आ चुके थे। शनिवार को भी वह इसी उद्देश्य से रघुनाथपुर पहुंचे थे।
बार-बार हादसों के बावजूद नहीं हैं सुरक्षा इंतजाम
रामगंगा नदी का रघुनाथपुर क्षेत्र लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल से लेकर गांव के किनारे तक नदी कहीं उथली तो कहीं अत्यधिक गहरी है। यहां पहले भी कई लोग डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। नदी की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि अतीत में भारी वाहन तक पानी में समा चुके हैं। इसके बावजूद वहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा की कोई स्थायी और कारगर व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के खतरनाक घाटों, विशेषकर तटीय गांवों के आसपास चेतावनी के संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों का दोहराव रोका जा सके।
इसी वर्ष बारहवीं की परीक्षा की थी उत्तीर्ण
उत्कर्ष और सर्वज्ञ ने इसी वर्ष रॉयन इंटरनेशनल स्कूल से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दोनों दोस्त होने के साथ ही कोटा में इंजीनियरिंग करने की तैयारी कर रहे थे। उत्कर्ष के परिजन ने कोचिंग के लिए ऑनलाइन फीस भी जमा कर दी थी। उत्कर्ष की बहन अर्पिता और मां प्रियंका हैं।सर्वज्ञ की मां अल्का भी बेटे की मौत से सुधबुध खो बेठी हैं।