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Shahjahanpur News: फर्जी प्रमाणपत्र से निविदा लेने वाली दो फर्में ब्लैकलिस्ट
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शाहजहांपुर। नगर निगम में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर निविदा और पंजीकरण हासिल करने के मामले में दो फर्मों पर कार्रवाई हुई है। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद भदौरिया कंस्ट्रक्शन और मथुरा कंस्ट्रक्शन को एक-एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। दोनों फर्मों के आवंटित कार्य निरस्त करने के साथ बंधक जमानत और परफारमेंस धनराशि जब्त करने के आदेश दिए गए हैं। दोनों मामलों में थाना सदर बाजार में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
बंडा के रघुनाथपुर निवासी सुनील कुमार सिंह की मैसर्स भदौरिया कंस्ट्रक्शन के नाम से फर्म पंजीकृत है। आरोप है कि फर्म ने नगर निगम के निर्माण कार्यों की निविदा हासिल करने के लिए हल्द्वानी-काठगोदाम और खुटार के खंड विकास अधिकारी कार्यालय के फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाए थे। शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कराई गई। इसमें प्रमाणपत्रों के कूटरचित और फर्जी होने की पुष्टि हुई।
निर्माण विभाग की ओर से 29 अगस्त को फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने फर्म को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। साथ ही फर्म के नाम आवंटित सभी कार्य निरस्त कर बंधक जमानत और परफारमेंस धनराशि जब्त करने के आदेश दिए हैं। फर्म के करीब एक करोड़ रुपये के छह काम वर्तमान में चल रहे थे। इनमें सीसी रोड निर्माण के कार्य भी शामिल हैं।
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जांच में फर्जी निकला मथुरा कंस्ट्रक्शन का चरित्र प्रमाणपत्र
तिलहर क्षेत्र के रितगंजा निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता की मथुरा कंस्ट्रक्शन फर्म ने भी नगर निगम के निर्माण विभाग में पंजीकरण के दौरान चरित्र प्रमाणपत्र लगाया था। इसकी शिकायत नगर पालिका के एक सभासद ने की। इसके बाद डीएम कार्यालय से प्रमाणपत्र की जांच कराई गई। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
डीएम कार्यालय से मिली रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम ने 29 अगस्त को फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने नौ सितंबर को फर्म को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। फर्म के सभी कार्य निरस्त कर बंधक जमानत और परफारमेंस धनराशि जब्त करने की कार्रवाई की गई है। फर्म के 13-14 काम चल रहे थे। इनमें सीसी रोड और नाला निर्माण समेत अन्य कार्य शामिल हैं।
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इतनी होगी जमानत व परफारमेंस राशि जब्त
नगर निगम निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कुल राशि की मिली निविदा में जमानत राशि 10 प्रतिशत और परफारमेंस राशि काम का मूल्यांकन किए जाने के बाद करीब पांच प्रतिशत के आसपास रहती है। भदौरिया कंस्ट्रक्शन को करीब तीन करोड़ 50 लाख रुपये का काम मिला है। इसमें 10 प्रतिशत जमानत और पांच प्रतिशत परफारमेंस राशि मिलाकर करीब 52 लाख 50 हजार रुपये जब्त होंगे। इसी तरह से मथुरा कंस्ट्रक्शन की जमानत और परफारमेंस राशि मिलाकर 15 लाख रुपये जब्त किए जाएंगे।
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विभागीय लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि भदौरिया कंस्ट्रक्शन और मथुरा कंस्ट्रक्शन को फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ब्लैकलिस्ट किया गया है। दोनों फर्मों की जमानत और परफारमेंस राशि जब्त करने के आदेश दिए गए हैं। प्रमाणपत्रों की जांच और निविदा प्रक्रिया में संलिप्त विभागीय लोगों पर कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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बंडा के रघुनाथपुर निवासी सुनील कुमार सिंह की मैसर्स भदौरिया कंस्ट्रक्शन के नाम से फर्म पंजीकृत है। आरोप है कि फर्म ने नगर निगम के निर्माण कार्यों की निविदा हासिल करने के लिए हल्द्वानी-काठगोदाम और खुटार के खंड विकास अधिकारी कार्यालय के फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाए थे। शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कराई गई। इसमें प्रमाणपत्रों के कूटरचित और फर्जी होने की पुष्टि हुई।
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निर्माण विभाग की ओर से 29 अगस्त को फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने फर्म को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। साथ ही फर्म के नाम आवंटित सभी कार्य निरस्त कर बंधक जमानत और परफारमेंस धनराशि जब्त करने के आदेश दिए हैं। फर्म के करीब एक करोड़ रुपये के छह काम वर्तमान में चल रहे थे। इनमें सीसी रोड निर्माण के कार्य भी शामिल हैं।
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जांच में फर्जी निकला मथुरा कंस्ट्रक्शन का चरित्र प्रमाणपत्र
तिलहर क्षेत्र के रितगंजा निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता की मथुरा कंस्ट्रक्शन फर्म ने भी नगर निगम के निर्माण विभाग में पंजीकरण के दौरान चरित्र प्रमाणपत्र लगाया था। इसकी शिकायत नगर पालिका के एक सभासद ने की। इसके बाद डीएम कार्यालय से प्रमाणपत्र की जांच कराई गई। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
डीएम कार्यालय से मिली रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम ने 29 अगस्त को फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने नौ सितंबर को फर्म को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। फर्म के सभी कार्य निरस्त कर बंधक जमानत और परफारमेंस धनराशि जब्त करने की कार्रवाई की गई है। फर्म के 13-14 काम चल रहे थे। इनमें सीसी रोड और नाला निर्माण समेत अन्य कार्य शामिल हैं।
इतनी होगी जमानत व परफारमेंस राशि जब्त
नगर निगम निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कुल राशि की मिली निविदा में जमानत राशि 10 प्रतिशत और परफारमेंस राशि काम का मूल्यांकन किए जाने के बाद करीब पांच प्रतिशत के आसपास रहती है। भदौरिया कंस्ट्रक्शन को करीब तीन करोड़ 50 लाख रुपये का काम मिला है। इसमें 10 प्रतिशत जमानत और पांच प्रतिशत परफारमेंस राशि मिलाकर करीब 52 लाख 50 हजार रुपये जब्त होंगे। इसी तरह से मथुरा कंस्ट्रक्शन की जमानत और परफारमेंस राशि मिलाकर 15 लाख रुपये जब्त किए जाएंगे।
विभागीय लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि भदौरिया कंस्ट्रक्शन और मथुरा कंस्ट्रक्शन को फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ब्लैकलिस्ट किया गया है। दोनों फर्मों की जमानत और परफारमेंस राशि जब्त करने के आदेश दिए गए हैं। प्रमाणपत्रों की जांच और निविदा प्रक्रिया में संलिप्त विभागीय लोगों पर कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।