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718 गांव : फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी...कैसे बुझेगी आग

Thu, 14 Apr 2022 12:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 12:54 AM IST
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Two fire engines for 718 villages... how to get the fire under control
पुवायां का अग्निशमन केंद्र - फोटो : POWAYAN
पुवायां। पुवायां के अग्निशमन केंद्र पर कस्बे समेत तहसील क्षेत्र के 718 गांवाें का जिम्मा है। लेकिन आग बुझाने के नाम पर विभाग के पास सिर्फ दो दमकल हैं। एक बड़ी दमकल में 2500 लीटर पानी आता है। दूसरी छोटी दमकल में सिर्फ 400 लीटर पानी आता है। गर्मी के दिनों खेतों में लगने वाली आग में 400 लीटर पानी से कितनी बुझेगी, यह बड़ा सवाल है।
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पुवायां तहसील में 718 गांव हैं, लेकिन इतने गांवों में आग बुझाने के लिए मात्र दो अग्निशमन वाहन हैं। इस कारण कई बार विषम स्थित हो जाती है। गर्मी के मौसम में गेहूं की फसल, नरई और गांवों में आग लगने की ज्यादा घटनाएं होती हैं। कई बार आग ज्यादा विकराल रूप धारण कर लेती है तो फायर ब्रिगेड के वाहन और कर्मचारी ही मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाते हैं, लेकिन संसाधनों का अभाव भारी नुकसान करा देता है।
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स्टाफ की भी दिक्कत
पुवायां के अग्निशमन केंद्र पर कुल 26 कर्मचारी होने चाहिए, इसके सापेक्ष कुल 18 कर्मचारी ही तैनात हैं। इसमें भी 11 सिपाही अंडरट्रेनिंग हैं। सिर्फ सात कर्मचारी ही आग बुझाने में दक्ष हैं। इसमें चार फायरमैन, एक चालक, एक हेड और अग्निशमन अधिकारी द्वितीय पुवायां के प्रभारी सरोज कुमार हैं।
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बड़ी घटना पर बाहर से बुलानी पड़ती है फायरब्रिगेड
तहसील क्षेत्र में आगजनी की कोई बड़ी घटना हो जाए तो जिला मुख्यालय आदि से दमकल की गाड़ियां बुलाई जाते हैं। कई बार एक से अधिक स्थानों पर आग लगने पर अग्निशमन दल मौके पर तब पहुंच पाता है, जब आग बुझ चुकी होती है।
छोटी गाड़ियों से भी मिल सकती है राहत
संकरे रास्तों और गलियों में फायर ब्रिगेड का बड़ा वाहन नहीं जा सकता है। यहां छोटा वाहन ही कारगर हो सकते हैं। पुवायां के अग्निशमन केंद्र पर एक ही छोटी गाड़ी है। अगर दो से तीन गाड़ियां और मिल जाएं, तो गली-मोहल्लों में आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता है।
एक दर्जन से अधिक अग्निकांडों हो चुके हैं
गांवों और खेतों में आग लगने से एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। कई मामलों में फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने तक लोगों ने आग पर काबू पा लिया। एक साथ दो स्थानों पर आग लगने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी एक ही जगह पहुंच पाती है, इससे भी नुकसान हो चुका है। खुटार के गांव टाह खुर्द कलां, बंडा के गांव मझिगई, मूड़ा, खुटार के इटौआ आदि में आग से काफी नुकसान हो चुका है।

अंडर ट्रेनिंग जवानों के आ जाने के बाद स्टाफ की कमी नहीं है। पुवायां से बंडा और खुटार की दूरी ज्यादा है। दो से तीन छोटे वाहन मिल जाने से वाहनों को खुटार और बंडा में खड़ा करने से आपात स्थिति में ज्यादा लाभ हो सकता है। -सरोज कुमार, अग्शिमन अधिकारी द्वितीय पुवायां
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