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बारिश से धान की रोपाई में आई तेजी
पुवायां।
Updated Tue, 30 Jun 2015 11:25 PM IST
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सोमवार से हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, लेकिन जिन किसानों के खेत में साठा धान खड़ा है वे बारिश बंद होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
पुवायां क्षेत्र में साठा धान की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। अभी तमाम खेतों में साठा खड़ा है। बारिश से साठा धान को नुकसान की आशंका है। बारिश के बाद हवा चलने से साठा खेत में गिर गया है। उधर, धान की मुख्य फसल करने वाले किसान बारिश के बीच खेतों में डटे हुए हैं और पलेवा आदि कर धान की पौध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। तमाम किसानों ने धान की रोपाई शुरू भी कर दी है। बारिश होने से सभी खेतों में पानी भर जाने से पौध लगाने के लिए श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। श्रमिकों ने मजदूरी के रेट भी बढ़ा दिए हैं।
क्षेत्र की गोमती, झुकना आदि नदियों में पानी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी ज्यादा पानी नहीं होने के चलते नदी किनारे खड़ी फसलें पूरी तरह सुरक्षित हैं। भैंसी और कठिना नदी के किनारे तब अवैध कब्जा होने और कई स्थानों पर नदी को बांधे जाने के कारण दोनों नदियों में पानी नहीं बढ़ सका है।
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पुवायां क्षेत्र में साठा धान की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। अभी तमाम खेतों में साठा खड़ा है। बारिश से साठा धान को नुकसान की आशंका है। बारिश के बाद हवा चलने से साठा खेत में गिर गया है। उधर, धान की मुख्य फसल करने वाले किसान बारिश के बीच खेतों में डटे हुए हैं और पलेवा आदि कर धान की पौध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। तमाम किसानों ने धान की रोपाई शुरू भी कर दी है। बारिश होने से सभी खेतों में पानी भर जाने से पौध लगाने के लिए श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। श्रमिकों ने मजदूरी के रेट भी बढ़ा दिए हैं।
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क्षेत्र की गोमती, झुकना आदि नदियों में पानी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी ज्यादा पानी नहीं होने के चलते नदी किनारे खड़ी फसलें पूरी तरह सुरक्षित हैं। भैंसी और कठिना नदी के किनारे तब अवैध कब्जा होने और कई स्थानों पर नदी को बांधे जाने के कारण दोनों नदियों में पानी नहीं बढ़ सका है।
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