{"_id":"65c699a276b1dd182b05790e","slug":"took-a-dip-in-ganga-with-the-slogan-of-hari-bolo-mauni-kholo-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1040-113126-2024-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: हरि बोलो-मौनी खोलो के उद्घोष संग लगाई गंगा में डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: हरि बोलो-मौनी खोलो के उद्घोष संग लगाई गंगा में डुबकी
Sat, 10 Feb 2024 03:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:01 AM IST
विज्ञापन
ढाईघाट में मौनी अमावस्या पर्व पर गंगास्नान करते श्रद्धालु। स्रोत: जागरुक पाठक
मिर्जापुर। ढाईघाट में चल रहे माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह चार बजे से ही हरि बोलो-मौनी खोलो के उद्घोष के साथ गंगा स्नान शुरू कर दिया। गंगा स्नान का यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर गंगा पुरोहितों को अन्न, वस्त्र, मिष्ठान, फल आदि के साथ नकद मुद्रा दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मौनी अमावस्या पर्व पर तमाम श्रद्धालुओं ने बच्चों के मुंडन कराए। गोदान कर गंगा पुरोहितों और कन्याओं को भोज करवाया। बुजुर्ग गंगा भक्तों ने संतों के पंडालों में चल रहे हवन, यज्ञ, कथा, प्रवचन आदि धार्मिक कार्यों में सहभागिता की। महिलाओं और बच्चों ने मेले में शृंगार की सामग्री के साथ ही घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी की। युवाओं ने मेले में लगे झूले, चरखी, मौत का कुआं, खेल तमाशों का आनंद लिया।
इस बार गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से गंगाघाटों पर तीन जगह टापू बन गए थे। इससे घाटों पर भी भीड़ एकत्र नहीं हो सकी। घाटों पर गोताखोरों के साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट के जवान तीन मोटरबोट से स्नान कर रहे लोगों पर लगातार नजर बनाए रहे। डीएम उमेश प्रताप सिंह भी मेले में पहुंचे। मेला कोतवाली इंचार्ज आत्मप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बता दें कि कम जगह होने के बावजूद झूला और मौत का कुआं आदि खेल तमाशे एक साथ लगवाए गए हैं, जिससे हादसे का खतरा बना है। मेलाधिकारी/जिला पंचायत के जेई सुरेश चंद्र यादव ने कम जगह में लगाए जाने को मजबूरी बताया। मेला कोतवाली इंचार्ज/एसआई कोतवाली शमशाबाद आत्मप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बड़े झूले, मौत का कुआं और खेल तमाशे लगाने की अनुमति मनोरंजन कर अधिकारी और मेला मजिस्ट्रेट देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौनी अमावस्या पर्व पर तमाम श्रद्धालुओं ने बच्चों के मुंडन कराए। गोदान कर गंगा पुरोहितों और कन्याओं को भोज करवाया। बुजुर्ग गंगा भक्तों ने संतों के पंडालों में चल रहे हवन, यज्ञ, कथा, प्रवचन आदि धार्मिक कार्यों में सहभागिता की। महिलाओं और बच्चों ने मेले में शृंगार की सामग्री के साथ ही घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी की। युवाओं ने मेले में लगे झूले, चरखी, मौत का कुआं, खेल तमाशों का आनंद लिया।
विज्ञापन
इस बार गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से गंगाघाटों पर तीन जगह टापू बन गए थे। इससे घाटों पर भी भीड़ एकत्र नहीं हो सकी। घाटों पर गोताखोरों के साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट के जवान तीन मोटरबोट से स्नान कर रहे लोगों पर लगातार नजर बनाए रहे। डीएम उमेश प्रताप सिंह भी मेले में पहुंचे। मेला कोतवाली इंचार्ज आत्मप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बता दें कि कम जगह होने के बावजूद झूला और मौत का कुआं आदि खेल तमाशे एक साथ लगवाए गए हैं, जिससे हादसे का खतरा बना है। मेलाधिकारी/जिला पंचायत के जेई सुरेश चंद्र यादव ने कम जगह में लगाए जाने को मजबूरी बताया। मेला कोतवाली इंचार्ज/एसआई कोतवाली शमशाबाद आत्मप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बड़े झूले, मौत का कुआं और खेल तमाशे लगाने की अनुमति मनोरंजन कर अधिकारी और मेला मजिस्ट्रेट देते हैं।
विज्ञापन