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Shahjahanpur News: आज अधिवक्ता करेंगे हड़ताल और पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन
Tue, 10 Sep 2024 03:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 10 Sep 2024 03:12 AM IST
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शाहजहांपुर। सेंट्रल बार एसोसिएशन की सोमवार को हुई बैठक में मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण दत्त त्रिपाठी की अध्यक्षता में राजीव सभागार में सभा आयोजित की गई। इसमें पूर्व अध्यक्ष मनेंद्र सिंह व अन्य अधिवक्ताओं के प्रार्थना पत्र पर पुलिस की कार्यशैली अधिवक्ता विरोधी होने के संबंध में चर्चा हुई। साथ ही पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से कचहरी के अन्दर व बाहर गेट पर पुलिस बल, एसओजी व एसटीएफ के जवानों की तैनाती को लेकर एतराज जताया गया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस बल की वजह से वादी न्यायालय में आने से हिचक रहे हैं, जिससे वकीलों का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके विरोध में वकीलों ने मंगलवार को सर्वसम्मति से हड़ताल का फैसला लिया। बैठक में तय किया गया कि अगर कोई अधिवक्ता सोशल मीडिया में बार या सदन की गरिमा के विरुद्ध टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह प्रस्ताव पास किया गया कि बार काउंसिल में बगैर पंजीकरण के कोई व्यक्ति न ही अधिवक्ता की ड्रेस पहने और न ही न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पेश हो।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण दत्त त्रिपाठी की अध्यक्षता में राजीव सभागार में सभा आयोजित की गई। इसमें पूर्व अध्यक्ष मनेंद्र सिंह व अन्य अधिवक्ताओं के प्रार्थना पत्र पर पुलिस की कार्यशैली अधिवक्ता विरोधी होने के संबंध में चर्चा हुई। साथ ही पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से कचहरी के अन्दर व बाहर गेट पर पुलिस बल, एसओजी व एसटीएफ के जवानों की तैनाती को लेकर एतराज जताया गया।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस बल की वजह से वादी न्यायालय में आने से हिचक रहे हैं, जिससे वकीलों का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके विरोध में वकीलों ने मंगलवार को सर्वसम्मति से हड़ताल का फैसला लिया। बैठक में तय किया गया कि अगर कोई अधिवक्ता सोशल मीडिया में बार या सदन की गरिमा के विरुद्ध टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह प्रस्ताव पास किया गया कि बार काउंसिल में बगैर पंजीकरण के कोई व्यक्ति न ही अधिवक्ता की ड्रेस पहने और न ही न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पेश हो।
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