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सिरदर्द बना बाघ: शाहजहांपुर में सिसैया के पास खूंखार शिकारी ने डाला डेरा, लगातार बदल रहा जगह, लगा पिंजड़ा
Fri, 05 Aug 2022 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 01:10 AM IST
सार
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चंदपई, कोटावारी, पिलखना, मजरा, सिसैया, बढ़ेला, किरतापुर, महाऊ दुर्ग के गांवों के पास जनवरी से एक बाघ देखा जा रहा है। सात महीने से वनकर्मी लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं। बाघ अब तक कई वन्य पशुओं, बकरे आदि को मार चुका है। इस बीच फिर से इलाके में बाघ नजर आया है।
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बाघ (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
शाहजहांपुर में सात महीने से सिंधौली के कई गांवों के पास में घूम रहा बाघ पिंजड़े में कैद नहीं हो पा रहा है। बाघ ने बुधवार को अपनी लोकेशन बदल दी और सिसैया के पास डेरा डाल दिया है। इसके बाद वन विभाग ने भी कैमरों के स्थानों में बदलाव किया है। गांव सिसैया के पास गुरुवार को पिंजड़ा लगाया गया।
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सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चंदपई, कोटावारी, पिलखना, मजरा, सिसैया, बढ़ेला, किरतापुर, महाऊ दुर्ग के गांवों के पास जनवरी से एक बाघ देखा जा रहा है। सात महीने से वनकर्मी लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेट बांटकर कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। बाघ अब तक कई वन्य पशुओं, बकरे आदि को मार चुका है। अब बाघ कोटावारी के पास से गांव सिसैया के पास जा पहुंचा है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पगमार्क ट्रेस किए। बाघ के सिसैया के पास होने की पुष्टि होने के बाद बुधवार को सिसैया के पास पिंजड़ा लगाने की तैयारी की गई, लेकिन दोपहर बाद बारिश होने के कारण पिंजड़ा नहीं लगाया जा सका। अब गुरुवार को पिंजड़ा लगाकर बाघ को पकड़ने का प्रयास किया जाएग।
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लगातार जगह बदल रहा बाघ
वनकर्मियों का कहना है कि शिकार के पीछे बाघ खेतों से होता हुआ दूसरे गांवों तक पहुंच जाता है लेकिन मूल ठिकाना सिसैया के आसपास बना रखा है। गन्ने में नीलगाय, खरगोश, सियार और आसपास पशु ज्यादा संख्या में होने से बाघ को शिकार की समस्या नहीं है। इस कारण वह खेतों से नहीं जा रहा है।
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बाघ का मूवमेंट गांव सिसैया के आसपास पता चला है। गुरुवार को सिसैया के पास पिंजड़ा लगवाया जाएगा। वन विभाग की टीम बाघ के मूवमेंट पर लगातार निगाह रख रही है। -रमाकांत सक्सेना, रेंजर सिंधौली रेंज