शाहजहांपुर: गांव की समस्याओं को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े तीन युवक, अफसरों के आश्वासन पर नीचे उतरे
खुदागंज के ताहरपुर गांव में बदहाल सड़कों, जलभराव और छुट्टा पशुओं की समस्या से नाराज तीन युवक बुधवार को पानी की टंकी पर चढ़ गए। करीब तीन घंटे बाद खंड विकास अधिकारी के आश्वासन और सड़क पर ईंट डलवाने के बाद वे सुरक्षित नीचे उतरे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शाहजहांपुर के खुदागंज में ताहरपुर गांव की बदहाल सड़कों, विद्यालय परिसर में जलभराव और छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या से नाराज गांव के तीन युवक बुधवार सुबह पानी की टंकी पर चढ़ गए। युवकों के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। करीब तीन घंटे तक युवकों के टंकी पर रहने से ग्रामीणों में चिंता बनी रही। बाद में खंड विकास अधिकारी के आश्वासन और सड़क पर ईंट के टुकड़े डलवाने के बाद तीनों युवक सुरक्षित नीचे उतर आए।
गांव निवासी प्रभाकर सिंह, अनुज सिंह और योगेंद्र सिंह बुधवार सुबह करीब नौ बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनका कहना था कि गांव में विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। गांव की कई सड़कें खराब हैं। विद्यालय के पास सड़क की गहराई होने से बारिश में पानी भर जाता है। इसके अलावा गांव में छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या भी बनी हुई है।
सूचना पर खंड विकास अधिकारी अरविंद दुबे, ग्राम विकास अधिकारी विनोद यादव और उमेश पटेल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टंकी पर चढ़े युवकों से नीचे उतरने का आग्रह किया और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। युवकों ने कहा कि जब तक गांव की सड़क और विद्यालय की समस्या दूर कराने के संबंध में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
जल्द काम शुरू कराने का दिया आश्वासन
इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी विनोद यादव ने तत्काल एक ट्रॉली ईंट के टुकड़े मंगवाकर सड़क पर डलवाए। उन्होंने गांव की अन्य खराब सड़कों पर भी जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। युवकों ने अधिकारियों से लिखित आश्वासन की मांग करते हुए गांव की सड़कों, विद्यालय भवन के आसपास जलभराव और खेतों में घूम रहे छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या का समाधान कराने की मांग रखी।
इस पर खंड विकास अधिकारी अरविंद दुबे ने ग्रामीणों से भी सहयोग करने की अपील की। पूर्व प्रधान के पति सुरेंद्र सिंह ने ईंट के टुकड़े उपलब्ध कराने और ग्रामीणों के सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही छुट्टा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजने, जिन ग्रामीणों के पशु हैं उन्हें सुपुर्द करने और पशु छुट्टा छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई व जुर्माना लगाने की मांग रखी गई। बीडीओ ने बताया कि आश्वासन के बाद तीनों युवक सकुशल पानी की टंकी से नीचे उतर आए हैं।