{"_id":"4c8be2e10f70b8ba75b33ec52e79a356","slug":"three-children-die-from-fever-the-risk-of-measles-in-the-area-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से तीन बच्चों की मौत, इलाके में खसरे का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से तीन बच्चों की मौत, इलाके में खसरे का खतरा
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 02 Mar 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
कलान ब्लाक के गांव गणेशपुर में बुखार से पांच दिनों में तीन बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है। गांव में डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे बुखार और खांसी की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाला है। इलाके में खसरे की संभावना बढ़ गई है। दो बच्चों में इसके लक्षण पाए गए। प्रशासनिक स्तर पर गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था कराई जा रही है।
गणेशपुर निवासी दिनेश श्रीवास्तव के पांच वर्षीय पुत्र की 25 फरवरी को बुखार के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद गांव के कई बच्चे बुखार की चपेट में आ गए। तेज बुखार के चलते जयपाल ने दो दिन में अपने दो बच्चे खो दिए। रविवार को तीन वर्षीय वीरेश और सोमवार को सात वर्षीय रोहित की मौत हो गई। चार वर्षीय विनोद भी बीमार था, जिसे कलान पीएचसी में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के बाद उसे शाम को घर भेज दिया गया। इससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक नीरज मौर्य से संपर्क किया और गांव में बच्चों की हो रही मौत के बारे में जानकारी दी। इसके बाद विधायक ने डीएम और स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया। उसके बाद सोमवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। कलान पीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण यादव और डॉ. दिनेश प्रताप गांव में कैंप करके बच्चों का उपचार कर रहे हैं।
विज्ञापन
सोमवार को विधायक नीरज मौर्य के माध्यम से गांव में तीन बच्चों की मौत की जानकारी हुई थी, तत्काल पीएचसी टीम को गांव भेजा गया था। गांव में दो बच्चों में खसरे जैसे लक्षण पाएं गए हैं। बाकी बच्चों को बुखार आ रहा है, जिन्हें दवाई दी गई है। मंगलवार को जिला मुख्यालय से एसीएमओ डॉ. नरेशपाल के साथ तीन डॉक्टरों की टीम को भेजा गया है। टीम ने वहीं कैंप कर रखा है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. कमल कुमार, सीएमओ
बीमारी की चपेट में आए बच्चे
अंकित(6) पुत्र सुनील और इनकी पांच वर्षीय पुत्री कागज, रुपेश (3) पुत्र टिंकू, संगीता (4) पुत्री भोजपाल, कुलदीप (3)पुत्र भूरे, राज (4) पुत्र कप्तान, मोधू(5) पुत्र अहलकार, राहुल(4) पुत्र लालाराम, यशोदा (4) पुत्री नन्हें लाल, कीर्ति (5) पुत्री राजेश, अर्चना (4) पुत्री नेम सिंह और इनका पांच वर्षीय बेटा गौरव, रतन (6) पुत्र राम सिंह, नगीना (5) पुत्री राम किशन, श्यामा(5) पुत्री राधेश्याम, पूरन (6) पुत्र पवन है।
बाक्स
गांव छतेनी में दवा वितरित
निगोही। क्षेत्र के गांव छतेनी में पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दवा वितरित की। इस गांव में सुलेमान के 22 वर्षीय बेटे फिरासत का बीते 11 फरवरी को चेचक से मृत्यु हो गयी थी। गांव में 25 वर्षीय विरासत, 20 वर्षीय साहिबा, विरासत की आठ वर्षीया भतीजी निलोफर खसरे की चपेट में है। इसी परिवार के 24 वर्षीय सरीबा, 19 वर्षीय जीनत व 25 वर्षीय अंकित भी खसरे की चपेट में हैं। निगोही चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी आरएस वर्मा ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे और बच्चों का वैक्सीनेशन किया एवं ग्रामीणों में औषधि वितरित की।
विज्ञापन
गणेशपुर निवासी दिनेश श्रीवास्तव के पांच वर्षीय पुत्र की 25 फरवरी को बुखार के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद गांव के कई बच्चे बुखार की चपेट में आ गए। तेज बुखार के चलते जयपाल ने दो दिन में अपने दो बच्चे खो दिए। रविवार को तीन वर्षीय वीरेश और सोमवार को सात वर्षीय रोहित की मौत हो गई। चार वर्षीय विनोद भी बीमार था, जिसे कलान पीएचसी में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के बाद उसे शाम को घर भेज दिया गया। इससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक नीरज मौर्य से संपर्क किया और गांव में बच्चों की हो रही मौत के बारे में जानकारी दी। इसके बाद विधायक ने डीएम और स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया। उसके बाद सोमवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। कलान पीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण यादव और डॉ. दिनेश प्रताप गांव में कैंप करके बच्चों का उपचार कर रहे हैं।
विज्ञापन
सोमवार को विधायक नीरज मौर्य के माध्यम से गांव में तीन बच्चों की मौत की जानकारी हुई थी, तत्काल पीएचसी टीम को गांव भेजा गया था। गांव में दो बच्चों में खसरे जैसे लक्षण पाएं गए हैं। बाकी बच्चों को बुखार आ रहा है, जिन्हें दवाई दी गई है। मंगलवार को जिला मुख्यालय से एसीएमओ डॉ. नरेशपाल के साथ तीन डॉक्टरों की टीम को भेजा गया है। टीम ने वहीं कैंप कर रखा है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. कमल कुमार, सीएमओ
बीमारी की चपेट में आए बच्चे
अंकित(6) पुत्र सुनील और इनकी पांच वर्षीय पुत्री कागज, रुपेश (3) पुत्र टिंकू, संगीता (4) पुत्री भोजपाल, कुलदीप (3)पुत्र भूरे, राज (4) पुत्र कप्तान, मोधू(5) पुत्र अहलकार, राहुल(4) पुत्र लालाराम, यशोदा (4) पुत्री नन्हें लाल, कीर्ति (5) पुत्री राजेश, अर्चना (4) पुत्री नेम सिंह और इनका पांच वर्षीय बेटा गौरव, रतन (6) पुत्र राम सिंह, नगीना (5) पुत्री राम किशन, श्यामा(5) पुत्री राधेश्याम, पूरन (6) पुत्र पवन है।
बाक्स
गांव छतेनी में दवा वितरित
निगोही। क्षेत्र के गांव छतेनी में पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दवा वितरित की। इस गांव में सुलेमान के 22 वर्षीय बेटे फिरासत का बीते 11 फरवरी को चेचक से मृत्यु हो गयी थी। गांव में 25 वर्षीय विरासत, 20 वर्षीय साहिबा, विरासत की आठ वर्षीया भतीजी निलोफर खसरे की चपेट में है। इसी परिवार के 24 वर्षीय सरीबा, 19 वर्षीय जीनत व 25 वर्षीय अंकित भी खसरे की चपेट में हैं। निगोही चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी आरएस वर्मा ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे और बच्चों का वैक्सीनेशन किया एवं ग्रामीणों में औषधि वितरित की।