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हजारों भक्तों ने किया पार्थिव शिवलिंगों का जलाभिषेक
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 24 Aug 2015 11:51 PM IST
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खिरनीबाग रामलीला मैदान में 13 अगस्त से चल रही शिव महापुराण कथा की पूर्णाहुति रुद्राभिषेक से हुई। सावन के महीने में इतने बड़े स्तर पर पहली बार हुए धार्मिक अनुष्ठान का भक्तों ने खूब लाभ उठाया। अंतिम सोमवार को अपरान्ह शुरू होने वाले पार्थिव शिवलिंग निर्मित कर उनका दुग्धाभिषेक करने को महिलाओं और पुरुषों में होड़ लगी रही। भक्त पंडाल में अपनी जगह पक्की करने के लिए समय से बहुत पहले ही पहुंचने शुरू हो गए थे। अधिकांश लोग सपत्नीक ही अनुष्ठान में सहभागिता करते देखे गए।
काशी के विद्वान प्रशांत प्रभु और नैमिष पीठाधीश्वर डॉ. केशवानंद महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में काशी के ही विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कच्ची मिट्टी से रुद्र निर्मित किए। इसके लिए सभी भक्त थालियां, तसले, बाल्टी आदि सामग्री के साथ गाय का दूध, फल-फूल आदि लेकर भी पहुुंचे थे। वैसे संयोजकों की ओर से भी हजारों बेलपत्र, कुंटलों फूल, भांग, धतूरे आदि पूजन सामग्री का प्रबंध किया गया था। रुद्राभिषेक का महत्व समझने वाले भक्तों से पंडाल खचाखच भर गया था। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पंडाल के बाहर भी धूप में खड़े भक्ति-भावना का परिचय देते रहे। जिनको भीड़ के कारण अवसर नहीं मिल सका, वे हाथ जोड़कर ऐसे ही वापस हो गए।
पाथर्व रुद्र निर्मित करने के बाद मंत्रोच्चार के बीच सभी ने उनका दुग्ध से अभिषेक कर उन पर बेलपत्र, पुष्प, धतूरे, भांग, चंदन आदि अर्पित कर भोले बाबा को प्रसन्न किया और मनौती मांगी। यह कार्यक्रम देर रात तक अविरल चलता रहा। आयोजन मंडल के सदस्य भी व्यवस्थाएं छोड़ रुद्राभिषेक का पुण्य कमाते रहे।
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आज होगा भंडारा, श्रद्धालुओं ने दान की सामग्री
शिव महापुराण कथा के मुख्य संयोजक हरिशरण वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, नरेंद्र सक्सेना ने संयुक्त रूप से बताया कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे से खिरनीबाग रामलीला मैदान में (शिव महापुराण कथा आयोजन स्थल) भंडारा होगा। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया है कि वह भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने जरूर पधारें। इधर, तमाम श्रद्धालुओं ने भंडारा में सहयोग करने के लिए श्रद्धानुसार आटा, घी, तेल, सब्जी आदि खाद्य सामग्री दान की।
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काशी के विद्वान प्रशांत प्रभु और नैमिष पीठाधीश्वर डॉ. केशवानंद महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में काशी के ही विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कच्ची मिट्टी से रुद्र निर्मित किए। इसके लिए सभी भक्त थालियां, तसले, बाल्टी आदि सामग्री के साथ गाय का दूध, फल-फूल आदि लेकर भी पहुुंचे थे। वैसे संयोजकों की ओर से भी हजारों बेलपत्र, कुंटलों फूल, भांग, धतूरे आदि पूजन सामग्री का प्रबंध किया गया था। रुद्राभिषेक का महत्व समझने वाले भक्तों से पंडाल खचाखच भर गया था। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पंडाल के बाहर भी धूप में खड़े भक्ति-भावना का परिचय देते रहे। जिनको भीड़ के कारण अवसर नहीं मिल सका, वे हाथ जोड़कर ऐसे ही वापस हो गए।
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पाथर्व रुद्र निर्मित करने के बाद मंत्रोच्चार के बीच सभी ने उनका दुग्ध से अभिषेक कर उन पर बेलपत्र, पुष्प, धतूरे, भांग, चंदन आदि अर्पित कर भोले बाबा को प्रसन्न किया और मनौती मांगी। यह कार्यक्रम देर रात तक अविरल चलता रहा। आयोजन मंडल के सदस्य भी व्यवस्थाएं छोड़ रुद्राभिषेक का पुण्य कमाते रहे।
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आज होगा भंडारा, श्रद्धालुओं ने दान की सामग्री
शिव महापुराण कथा के मुख्य संयोजक हरिशरण वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, नरेंद्र सक्सेना ने संयुक्त रूप से बताया कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे से खिरनीबाग रामलीला मैदान में (शिव महापुराण कथा आयोजन स्थल) भंडारा होगा। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया है कि वह भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने जरूर पधारें। इधर, तमाम श्रद्धालुओं ने भंडारा में सहयोग करने के लिए श्रद्धानुसार आटा, घी, तेल, सब्जी आदि खाद्य सामग्री दान की।