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लोग किससे करें फरियाद... दफ्तरों में मिलते नहीं अधिकारी

Thu, 28 Apr 2022 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 12:27 AM IST
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There are no officers in the offices, who should conduct public hearings
खुटार में खाली पड़ा एडीओ पंचायत का ऑफिस - फोटो : KHUTAR
खुटार। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुबह दस बजे से 12 बजे तक कार्यालयों में बैठकर जन सुनवाई करेंगे, लेकिन खुटार के ब्लाक में सरकार के इस आदेश का असर होता नहीं दिख रहा है। छोटे-छोटे कार्यों को लेकर ब्लॉक पहुंच रहे लोग घंटों इंतजार के बाद परेशान होकर लौट जाते हैं। ब्लॉक के अधिकारी, कर्मचारियों के ऐसे रवैये से 59 ग्राम पंचायतों में विकास की रफ्तार कैसे बढ़ेगी।
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10 बजे: ऑफिस खुला, लेकिन बीडीओ गायब
- खंड विकास अधिकारी शिवशंकर गौतम का ऑफिस खुला पड़ा था। अंदर कुर्सियां खाली पड़ीं थीं, कोई कर्मचारी तक मौजूद नहीं था। इनके ऑफिस के पड़ोस में बने कार्यालय में लघु सिंचाई के जेई देवेंद्र कुमार, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के जेई श्याम सुंदर, एडीओ आईएसबी बीडी शुक्ला मौजूद थे। खंड विकास अधिकारी के ऑफिस आने के बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि आते होंगे। दोपहर 12.30 बजे तक बीडीओ ब्लॉक नहीं पहुंचे थे।
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10:15 बजे: एडीओ पंचायत भी नहीं पहुंचे कार्यालय
एडीओ पंचायत अनुराग शर्मा का ऑफिस खुला था। गेट पर एक सफाईकर्मी खड़ा था। बताया कि एडीओ साहब रोजाना आते हैं, लेकिन आज अभी तक नहीं आए हैं। ऑफिस का फोटो खींचने के बाद सफाईकर्मी ने बयान बदलते हुए कहा कि एडीओ साहब कभी-कभी यहां न आकर सीधे गांवों में ही भ्रमण करने के लिए निकल जाते हैं। इसीलिए उन्हें ऑफिस आने में देर हो जाती है।
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10.20 बजे: साहब नहीं आए तो मोबाइल में समय बिताए
एडीओ पंचायत के ऑफिस के सामने कंप्यूटर कक्ष में खंड प्रेरक उमेश कुमार मोबाइल में व्यस्त मिले। एक सफाईकर्मी भी गेट पर था। कर्मचारियों के बारे बताया कि हम लोग ऑफिस में बैठते हैं। पद पूछा तो बताया कि सफाईकर्मी हैं। दोपहर 12 बजे तक न तो एडीओ पंचायत पहुंचे और न ही कोई कर्मचारी पहुंचा। कई लोग एडीओ पंचायत की तलाश में पहुंचे, लेकिन निराश होकर लौट गए।
10.35 बजे: पंचायत सचिवों के कार्यालयों पर ताला
ब्लाक परिसर में बने सभी ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यालयों में ताला लटक रहा था। परिसर में घूम रहे एक सफाईकर्मी ने बताया कि सचिव घरों से सीधे अपनी अपनी ग्राम पंचायतों में भ्रमण करने के लिए चले जाते हैं, इसीलिए ब्लॉक नहीं आते है। इसी दौरान सचिव से मिलने पहुंचे एक व्यक्ति ने कहा कि जब सचिव ब्लॉक नहीं आते हैं तो यहां कार्यालय बनाने की क्या जरूरत है।
डेढ़ घंटे किया इंतजार
मैं ग्राम पंचायत खमरिया गदियाना के सचिव से मिलने आया हूं। सुबह साढ़े दस बजे आया था, लेकिन 12 बज चुके हैं सचिव अभी तक नहीं आए हैं। अब मैं घर जा रहा हूं कहां तक इंतजार करूंगा। -केवल सिंह, निवासी बढ़ारा उदयपुर, खुटार
न सचिव मिले न बीडीओ
मैंने वृद्धावस्था पेंशन के लिए परिजन का एक आवेदन किया था। बताया गया कि ग्राम पंचायत के सचिव और बीडीओ के हस्ताक्षर होने के बाद ही आवेदन शाहजहांपुर जाएगा। सचिव और बीडीओ से मिलने आए, लेकिन कोई भी नहीं मिला है। अब वापस जा रहे हैं। -परशुराम निवासी गढ़िया सरेली, खुटार

मेरे पास जिला कृषि रक्षा अधिकारी का मूल पद है। मुझे खंड विकास अधिकारी खुटार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, इसीलिए खुटार नहीं पहुंच पाता हूं। जनसुनवाई व्यवस्था के लिए एडीओ आईएसबी को नियुक्त किया है, वह कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं को सुना करेंगे। - शिवशंकर गौतम, खंड विकास अधिकारी खुटार

एडीओ पंचायत के कार्यालय में मोबाइल पर व्यस्त खंड प्रेरक

एडीओ पंचायत के कार्यालय में मोबाइल पर व्यस्त खंड प्रेरक- फोटो : KHUTAR

खुटार ब्लाक में बंद पड़े ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यालय

खुटार ब्लाक में बंद पड़े ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यालय- फोटो : KHUTAR

खुटार में खाली पड़ा खंड विकास अधिकारी का ऑफिस

खुटार में खाली पड़ा खंड विकास अधिकारी का ऑफिस- फोटो : KHUTAR

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