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Shahjahanpur News: ग्राम प्रधान और पति ने फर्जी फर्म बनाकर किया लाखों का घोटाला
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कलान। मिर्जापुर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत कबरा सलेमपुर में ग्राम प्रधान केतुकी देवी और उनके पति धर्मराज पर लाखों के घोटाले का आरोप लगा है। उन्होंने अपनी बोगस फर्म बनाकर गांव में निर्माण कार्य कराए बगैर छह लाख 54 हजार 128 हजार रुपये की सरकारी रकम अपने नाम से खोले गए बैंक खाते में हस्तांतरित करा लिए। तहसीलदार के स्तर से हुई जांच में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सही पाए जाने पर एसडीएम ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
इस मामले में गांव के रहने वाले वकील प्रेमशंकर ने जनता दर्शन में एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर गांव में विकास कार्य के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की थी। एसडीएम ने तहसीलदार से जांच कराई तो सरकारी धनराशि का गोलमाल सामने आ गया। जांच से पता चला कि विकास कार्य को भवन निर्माण सामग्री की खरीद परौर मार्ग पर प्रधान बिल्डिंग मटेरियल नामक फर्म से की गई है।
पूछताछ में प्रधान के पति ने सफाई दी कि यह फर्म उनकी जमीन पर भंवरपाल ने खोली है और उनका इस फर्म से कोई सरोकार नहीं है। स्थलीय जांच को पहुंचे तहसीलदार को वहां कोई फर्म नहीं मिली। बाद में तहसीलदार ने बोगस फर्म के बिलों के आधार पर किए गए भुगतान के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता की जांच की तो वह प्रधान के पति धर्मराज के नाम पर निकला।
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तहसीलदार की जांच से स्पष्ट हुआ है कि प्रधान और उनके पति ने ऐसी फर्म के बिल बनाकर भुगतान अपने खाते में करा लिया, जो अस्तित्व में नहीं है। सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर घोर वित्तीय अनियमितता की गई है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। मामले में उच्चाधिकारि यों के स्तर से आगे की कार्रवाई होगी। -अभिषेक प्रताप सिंह, एसडीएम कलान
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इस मामले में गांव के रहने वाले वकील प्रेमशंकर ने जनता दर्शन में एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर गांव में विकास कार्य के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की थी। एसडीएम ने तहसीलदार से जांच कराई तो सरकारी धनराशि का गोलमाल सामने आ गया। जांच से पता चला कि विकास कार्य को भवन निर्माण सामग्री की खरीद परौर मार्ग पर प्रधान बिल्डिंग मटेरियल नामक फर्म से की गई है।
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पूछताछ में प्रधान के पति ने सफाई दी कि यह फर्म उनकी जमीन पर भंवरपाल ने खोली है और उनका इस फर्म से कोई सरोकार नहीं है। स्थलीय जांच को पहुंचे तहसीलदार को वहां कोई फर्म नहीं मिली। बाद में तहसीलदार ने बोगस फर्म के बिलों के आधार पर किए गए भुगतान के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता की जांच की तो वह प्रधान के पति धर्मराज के नाम पर निकला।
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तहसीलदार की जांच से स्पष्ट हुआ है कि प्रधान और उनके पति ने ऐसी फर्म के बिल बनाकर भुगतान अपने खाते में करा लिया, जो अस्तित्व में नहीं है। सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर घोर वित्तीय अनियमितता की गई है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। मामले में उच्चाधिकारि यों के स्तर से आगे की कार्रवाई होगी। -अभिषेक प्रताप सिंह, एसडीएम कलान