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Shahjahanpur News: जीएसटी चोरी मामले में तीनों आरोपियों की एक दिन की पुलिस को मिली रिमांड

Tue, 09 Dec 2025 11:33 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:33 PM IST
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The three accused in the GST evasion case have been remanded to police custody for one day.
जीएसटी चोरी में पकड़े गए आरोपियों के फाइल फोटो। 
शाहजहांपुर। बोगस फर्म बनाकर 10.77 करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों के पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस को न्यायालय से तीनों की एक दिन की रिमांड मिल गई है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को कई रिमोट भी मिले हैं। पूछताछ से पता चला है कि दिल्ली के रोहिणी में बने उनके ऑफिस का दरवाजा बिना रिमोट के नहीं खुलता था।
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रोजा थाने की पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी के गौरव यादव, समयपुर बादली क्षेत्र के दीपक व प्रयागराज के थाना नवाबगंज क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरोह के तीनों सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ऋण दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल आदि प्राप्त कर लेते थे।
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इसके बाद आधार पर फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित रेंट एग्रीमेंट तैयार कर बोगस जीएसटी फर्म बनाते थे और इन फर्मों के नाम से बैंकों में करंट खाते खुलवाकर बड़े पैमाने पर धनराशि का फर्जी लेन-देन कराकर टैक्स चोरी कराते थे। 28 मई को रोजा थाने में सहायक आयुक्त राज्यकर भावना चंद्रा ने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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गैंगस्टर सेल प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने मामले की जांच कर रोजा पुलिस की मदद से तीनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में पता चला है कि बुलंदशहर डीएम के कंप्यूटर ऑपरेटर साजिद के नाम पर भी फर्म बनाई गई थी। वहीं, मंगलवार को कोर्ट में तीनों आरोपियों की रिमांड अर्जी पर सुनवाई की गई। जिसमें एक दिन की रिमांड अर्जी मंजूर की गई। बुधवार को पुलिस रिमांड लेगी। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। इस मामले से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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आरोपी गौरव ने जीजा से सीखा था जीएसटी का काम
बीए पास आरोपी गौरव का जीजा जीएसटी का काम करता था। गौरव ने अपने जीजा से यह काम सीखा और फिर खुद करने लगा। उसके साथ जुड़ा सिद्धार्थ पहले दिल्ली की जूता फैक्टरी में काम करता था। रुपया कम मिलने पर गौरव के पिता गजराज के जनसेवा केंद्र पर सिद्धार्थ काम करने लगा। इस दौरान गौरव ने सिद्धार्थ को अपनी बातों में फंसाकर उसे अपने साथ जोड़ा और जीएसटी का काम सिखाया। वहीं, गौरव के साथ जुड़ा दीपक ऋण के नाम पर लोगों को रुपया देता और उनका आधार, पैन कार्ड रख लेता था। इसे वह जीएसटी की बोगस फर्म बनाने में प्रयोग करता था।



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2023 में पड़ा था छापा, भाग गए थे आरोपी
आरोपियों के दिल्ली के रोहिणी थाना क्षेत्र में दो ऑफिस बने हुए हैं। बताते हैं कि 2023 में ऑफिस में जीएसटी विभाग ने छापा मारा था, लेकिन भनक लगने पर सभी ऑफिस बंद कर भाग गए थे। पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला था। रिमांड होने पर तीनों से पूछताछ में कई और मामले सामने आएंगे।
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