फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The student's funeral was held in a somber atmosphere.

Shahjahanpur News: छात्र का गमगीन माहौल में किया गया अंतिम संस्कार

Fri, 02 Jan 2026 10:20 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jan 2026 10:20 PM IST
विज्ञापन
The student's funeral was held in a somber atmosphere.
पुवायां। बाथरूम में नहाते समय मौत के बाद परिजनों ने शुक्रवार को कैंब्रिज कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं के छात्र उत्कर्ष त्रिवेदी का अंतिम संस्कार कर दिया। बृहस्पतिवार को जब बाथरूम के दरवाजे की सिटकनी तोड़कर उसे बाहर निकाला गया तब गैस गीजर चल रहा था। पुलिस ने गैस गीजर से निकली गैस के कारण उसकी मौत की आशंका व्यक्त की थी।
विज्ञापन




उत्कर्ष त्रिवेदी एक जनवरी की दोपहर नहाने के लिए घर के बाथरूम में गया था। वह बाथरूम में अचेत अवस्था में मिला। सीएचसी लाए जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उत्कर्ष की मौत की जानकारी होने पर स्कूल के डॉयरेक्टर और कई शिक्षकों ने उसके घर पहुंचकर दुख जताया। शुक्रवार को बेहद गमगीन माहौल में उत्कर्ष का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उत्कर्ष की मौत से पिता, मां और भाई की हालत बेहद खराब है।
विज्ञापन

--

बाथरूम में चलता गैस गीजर, वेंटिलेशन न होने से हो रहे हादसे



पुवायां। गैस गीजर के टेक्निकल जानकार और व्यापारी रामकुमार बताते हैं कि गैस गीजर को कभी भी पूरी तरह बंद बाथरूम, किचन में नहीं लगाना चाहिए। खिड़की या एग्जॉस्ट फैन की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि गैस आसानी से बाहर निकल सके। गीजर को बहुत नीचे या सीधे शावर के ऊपर लगाने से बचें।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि लंबे समय तक गीजर चालू रखना भी सुरक्षित नहीं है। साल में एक बार प्रशिक्षित टेक्नीशियन से गीजर की सर्विस जरूर कराएं। ऑटो शट-ऑफ सेंसर वाला गैस गीजर लगवाएं। संवाद



---

पीड़ित को तत्काल अच्छे डॉक्टर को दिखाएं

पुवायां सीएचसी अधीक्षक डॉ. नरेंद्रपाल ने इस संबंध में जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कमरे या स्नानागार में गैस, कोयला, लकड़ी आदि के जलने से कार्बन मोनो आक्साइड गैस बनती है।
उन्होंने कहा कि गीजर गैस वाला हो या इलेक्ट्रिक, हर हालत में बाथरूम के बाहर लगवाया जाना चाहिए। अगर कोई बेहोश होता है तो देखते ही उसे सबसे पहले खुली हवा में लिटाया जाना चाहिए। इलाज में देरी मृत्यु का कारण बनती है।

पुवायां इंटर काॅलेज में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता वीके वर्मा ने बताया कि गैस गीजर, काेयला आदि जलाने, हीटर आदि से जहरीली कार्बन मोनो आक्साइड बनती है। यह रक्त में पहुंचकर मृत्यु का कारण बनती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed