फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The student committed suicide when her elder sister taunted her for failing

लखीमपुर के ध्यानार्थ:::. हाईस्कूल की परीक्षा में फेल होने पर किशोरी ने जहरीला पदार्थ खाकर दी जान

Tue, 05 Jul 2022 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 12:48 AM IST
विज्ञापन
The student committed suicide when her elder sister taunted her for failing
शाहजहांपुर। लखीमपुर खीरी जिले के थाना पसगवां क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी ने जहर खाकर जान दे दी। किशोरी हाईस्कूल की परीक्षा में फेल हो गई थी, उसकी बड़ी बहन ने उसे फेल होने का ताना मारा तो उसने कमरे में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी उपचार के दौरान शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।
विज्ञापन

छात्रा ने यूपी बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। परीक्षा का परिणाम आया तो वह फेल हो गई। उसके बाद से छात्रा गुमसुम हो गई थी। परिजन ने तब उसे मना लिया था। छात्रा के चाचा ने बताया कि शनिवार को बड़ी बहन से छात्रा का झगड़ा हो गया था। बड़ी बहन ने बीएससी किया है। विवाद के दौरान बड़ी बहन ने कह दिया कि तुम तो हाईस्कूल में फेल हो गईं, क्यों पापा के पैसों को बर्बाद कर रही हो। इस बात से नाराज छात्रा ने शनिवार रात करीब आठ बजे जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर लेकर पहुंचे। रविवार को छात्रा की हालत में थोड़ा सुधार हुआ। उसने परिजन से बात भी की थी। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। चौक कोतवाली पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन

बिटिया ने कहा था...पापा को मुंह नहीं दिखाएंगे
छात्रा के पिता पंजाब में रहकर मजदूरी करते हैं। उनकी दो बेटियां व दो बेटे हैं। मृतका के चाचा ने बताया कि दोनों बहनों के बीच झगड़ा होने पर ही बात बढ़ी। छात्रा ने बड़ी बहन को जवाब दिया था कि पापा पंजाब से आएंगे तो हम उन्हें मुंह नहीं दिखाएंगे। उसके कुछ देर बाद ही उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर छह महीने में बच्चों की काउंसलिंग कराएं
कोविड-19 के बाद से बच्चों में तनाव ज्यादा बढ़ गया। पढ़ाई का पैटर्न बदलने से भी दिक्कत आ रही है। छात्र-छात्राओं पर नंबर अधिक लाने का दबाव भी परेशानी खड़ा कर रहा। बच्चों में घबराहट की बीमारी और डिप्रेशन घेर रहा है। बच्चे खुद ही बीमारी के बारे में महसूस नहीं कर पाते। मन उदास रहना, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी, भूख-प्यास और नींद नहीं आना भी खुदकुशी की वजह बन रहा है। सबसे पहले अभिभावक बच्चों पर नंबर लाने का दबाव कम करें। स्कूलों में कैंप लगाकर हर छह महीने में बच्चों की काउंसलिंग कराई जाए, साथ ही मनोचिकित्सक से भी संपर्क करें। - डॉ. अभिनव रस्तोगी, मनोचिकित्सक

-----------------
- हाईस्कूल में फेल होने पर किशोरी के जान देने के मामला संज्ञान में नहीं है। इस बारे में लखीमपुर खीरी के पुलिस अधिकारियों से बात करने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
- अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed