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Shahjahanpur News: अचार की खटास से महिलाओं की जिंदगी में घुल रही मिठास
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शाहजहांपुर के गांव चौढ़ेरा में अचार की पैकिंग करती शांति देवी। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली सीतापुर मार्ग पर रोजा क्षेत्र के चौढ़ेरा गांव की शांति देवी की जिंदगी में अचार की खटास ने मिठास घोल दी है। पहले आर्थिक तंगी से जूझने वाली महिला सशक्त होकर परिवार को चला रही हैं, साथ ही 12 अन्य महिलाओं को रोजगार का अवसर प्रदान किया है।
मेहनत मजदूरी करने वाले शांति देवी के पति बीमार हुए तो उनके घर में आर्थिक तंगी खड़ी हो गई। रोजी-रोटी का संकट आने पर शांति आगे आईं और विनोबा सेवा आश्रम की जगत जननी स्वयं सहायता समूह बनाकर पांच हजार रुपये बैंक से लोन लेकर अचार का काम शुरू किया। उनके साथ में 12 अन्य महिलाएं जुड़ गई।
महिलाओं ने आंवला, मुरब्बा, मिर्च, लहसुन आदि के अचार को बनाकर डिब्बों में पैकिंग कर बेचना शुरू किया। कुछ दिन में उनका उत्पाद लोगों को पसंद आने लगा। आसपास के गांवों के साथ ही शाहबाद, पॉश कॉलोनियों में आचार की बिक्री शुरू हो गई। जिसके बाद उनकी आय बढ़ गई।
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आचार से आय बढ़ने के बाद समूह की महिलाओं के साथ खाने की थाली का ऑर्डर लेना शुरू कर दिया। उनके इस कार्य में दूसरी महिलाओं को भी रोजगार मिल गया। अब शांति देवी खुद सशक्त बन गई हैं। वह कहती हैं कि जल्द ही दूसरा समूह बनाकर अन्य महिलाओं को जोड़कर उनके लिए आय का जरिया बनेंगे।
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चॉक बनाकर स्कूलों में सप्लाई करता समूह
विनोबा सेवा आश्रम के सहयोग से बने समूह की महिलाएं स्कूलों में प्रयोग होने वाली चॉक का निर्माण भी करती हैं। चॉक को बनाकर डिब्बों में पैकिंग कर स्कूलों में सप्लाई किया जाता है। इससे उनकी काफी अच्छी आय होती है।
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मेहनत मजदूरी करने वाले शांति देवी के पति बीमार हुए तो उनके घर में आर्थिक तंगी खड़ी हो गई। रोजी-रोटी का संकट आने पर शांति आगे आईं और विनोबा सेवा आश्रम की जगत जननी स्वयं सहायता समूह बनाकर पांच हजार रुपये बैंक से लोन लेकर अचार का काम शुरू किया। उनके साथ में 12 अन्य महिलाएं जुड़ गई।
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महिलाओं ने आंवला, मुरब्बा, मिर्च, लहसुन आदि के अचार को बनाकर डिब्बों में पैकिंग कर बेचना शुरू किया। कुछ दिन में उनका उत्पाद लोगों को पसंद आने लगा। आसपास के गांवों के साथ ही शाहबाद, पॉश कॉलोनियों में आचार की बिक्री शुरू हो गई। जिसके बाद उनकी आय बढ़ गई।
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आचार से आय बढ़ने के बाद समूह की महिलाओं के साथ खाने की थाली का ऑर्डर लेना शुरू कर दिया। उनके इस कार्य में दूसरी महिलाओं को भी रोजगार मिल गया। अब शांति देवी खुद सशक्त बन गई हैं। वह कहती हैं कि जल्द ही दूसरा समूह बनाकर अन्य महिलाओं को जोड़कर उनके लिए आय का जरिया बनेंगे।
चॉक बनाकर स्कूलों में सप्लाई करता समूह
विनोबा सेवा आश्रम के सहयोग से बने समूह की महिलाएं स्कूलों में प्रयोग होने वाली चॉक का निर्माण भी करती हैं। चॉक को बनाकर डिब्बों में पैकिंग कर स्कूलों में सप्लाई किया जाता है। इससे उनकी काफी अच्छी आय होती है।