{"_id":"6983883a5373a80e3f0ea54e","slug":"the-responsibility-of-preparing-1500-prescriptions-at-five-counterspatients-are-facing-difficulties-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-164771-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: पांच काउंटरों पर 1500 पर्चे बनाने की जिम्मेदारी...परेशानी झेल रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: पांच काउंटरों पर 1500 पर्चे बनाने की जिम्मेदारी...परेशानी झेल रहे मरीज
विज्ञापन
राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन। संवाद
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में दूर-दराज से आने वाले मरीजों के लिए डॉक्टर को दिखाने से ज्यादा पर्चा बनवाना मुश्किल है। पर्याप्त कंप्यूटर नहीं होने के कारण पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन लग रही है। इसके चलते मरीजों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
वर्तमान समय में प्रतिदिन 1500 मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सुबह नौ बजे से पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लग जाती है। काउंटर पर मात्र पांच ही कंप्यूटर लगे हैं, जबकि छह काउंटर के इंतजाम हैं। मरीजों को पर्चा बनवाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लंबी लाइन में लगने के चलते घंटेभर का समय पर्चा बनवाने में निकल जाता है।
तिलहर से आए संतोष कुमार ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए एक घंटे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक नंबर नहीं आ पाया है। पर्चा काउंटर पर छह खिड़की हैं। पूर्व में छह कर्मियों की ड्यूटी रहती थी। कुछ महीने पहले एक कंप्यूटर को हटा दिया गया। इसके चलते मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पर्चा काउंटर पर कंप्यूटर व कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्तमान समय में प्रतिदिन 1500 मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सुबह नौ बजे से पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लग जाती है। काउंटर पर मात्र पांच ही कंप्यूटर लगे हैं, जबकि छह काउंटर के इंतजाम हैं। मरीजों को पर्चा बनवाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लंबी लाइन में लगने के चलते घंटेभर का समय पर्चा बनवाने में निकल जाता है।
विज्ञापन
तिलहर से आए संतोष कुमार ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए एक घंटे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक नंबर नहीं आ पाया है। पर्चा काउंटर पर छह खिड़की हैं। पूर्व में छह कर्मियों की ड्यूटी रहती थी। कुछ महीने पहले एक कंप्यूटर को हटा दिया गया। इसके चलते मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पर्चा काउंटर पर कंप्यूटर व कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन