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Shahjahanpur News: ठंड की दस्तक... उखड़ी पुरानी बीमारियां, बढ़े सांस और गठिया के मरीज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मेडिसिन कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- फोटो : 1
शाहजहांपुर। मौसम में बदलाव के साथ सुबह-शाम ठंड और दिन में तेज धूप का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव से पुरानी बीमारियां उखड़ रही हैं। पिछले कुछ दिनों में सांस और गठिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
रविवार की छुट्टी के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 1702 और मंगलवार को 1983 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें करीब 20 से 25 प्रतिशत मरीज पुरानी बीमारियों से पीड़ित रहे। मंगलवार शाम तक 430 बेड के अस्पताल में 407 मरीज भर्ती थे। 40 बेड के बच्चा वार्ड में 35 बच्चे भर्ती थे। इनमें खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज भी शामिल रहे।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सांस के मरीज सूर्योदय से पहले ठंडी हवा में निकलने से बचें। अस्थमा के मरीज नियमित दवाएं लेते रहें और डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल किया जाने वाला इन्हेलर साथ रखें। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और तली-भुनी चीजों से परहेज करें। गठिया के मरीज हाथ-पैर ढककर रखें और घुटनों को गर्म रखें। हल्की स्ट्रेचिंग या योग करने से जोड़ों में जकड़न कम रखने में मदद मिल सकती है।
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सांस और गठिया के प्रमुख लक्षण
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सुबह और रात लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी, छाती में भारीपन या जकड़न, थोड़ा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। सुबह उठने पर उंगलियों, कलाई, घुटनों या टखनों में अकड़न, लगातार जोड़ों का दर्द, सूजन या लालिमा और चलने-फिरने में परेशानी गठिया के प्रमुख लक्षण हैं।
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रविवार की छुट्टी के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 1702 और मंगलवार को 1983 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें करीब 20 से 25 प्रतिशत मरीज पुरानी बीमारियों से पीड़ित रहे। मंगलवार शाम तक 430 बेड के अस्पताल में 407 मरीज भर्ती थे। 40 बेड के बच्चा वार्ड में 35 बच्चे भर्ती थे। इनमें खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज भी शामिल रहे।
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प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सांस के मरीज सूर्योदय से पहले ठंडी हवा में निकलने से बचें। अस्थमा के मरीज नियमित दवाएं लेते रहें और डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल किया जाने वाला इन्हेलर साथ रखें। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और तली-भुनी चीजों से परहेज करें। गठिया के मरीज हाथ-पैर ढककर रखें और घुटनों को गर्म रखें। हल्की स्ट्रेचिंग या योग करने से जोड़ों में जकड़न कम रखने में मदद मिल सकती है।
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सांस और गठिया के प्रमुख लक्षण
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सुबह और रात लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी, छाती में भारीपन या जकड़न, थोड़ा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। सुबह उठने पर उंगलियों, कलाई, घुटनों या टखनों में अकड़न, लगातार जोड़ों का दर्द, सूजन या लालिमा और चलने-फिरने में परेशानी गठिया के प्रमुख लक्षण हैं।