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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज में चोरों की घुसपैठ मामले की विवेचना कर रहे दरोगा हादसे में घायल

Wed, 10 Jul 2024 03:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 10 Jul 2024 03:42 AM IST
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The inspector who was investigating the case of infiltration of thieves in the medical college got injured in the accident
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चोरों की घुसपैठ प्रकरण की विवेचना कर रहे दरोगा जोखन यादव सड़क हादसे में घायल हो गए। इससे मामले की जांच रुक गई है। बताया जा रहा है, अब विवेचक बदला जाएगा।
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राजकीय मेडिकल काॅलेज में एक जून की रात को सुरक्षा गार्डों ने सामान से लदी पिकअप को रोककर जांच की थी। पूछताछ करने पर चालक व एक अन्य व्यक्ति मौके से भाग गया। सुपरवाइजर की सूचना पर प्राचार्य राजेश कुमार ने पिकअप को कैमरे के सामने खड़ा करा दिया। शुरुआत में बोरों में दवा भरी होना माना जा रहा था।
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सीएमएस डॉ.नेपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने बोरे खोले तो उसमें सर्जिकल का सामान मिला। इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल, फार्मासिस्ट जुबैर, नंद किशोर और वाहन चालक के खिलाफ पुलिस ने 14 जून को मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की विवेचना चाैक कोतवाली में तैनात दरोगा जोखन यादव कर रहे थे। उन्होंने घटना का अस्पताल में नक्शा बनाने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज चेक किए थे। इसके बाद वह अवकाश पर चले गए। इंस्पेक्टर राजीव तोमर के अनुसार, छुट्टी खत्म होने के बाद वह हादसे का शिकार हो गए। उन्हें काफी चोटें आई है।
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ऐसे में एक महीने से अधिक समय होने के बाद भी मामले की सच्चाई लोगों के सामने नहीं आ सकी है। जांच के रुकने से कई सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि मामले की विवेचना किसी दूसरे एसआई को दी जाएगी।


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छूट रहे सवाल, जांच के बाद मिलेगा जवाब

-सर्जिकल सामान मिलने के बाद आरोपी फार्मासिस्टों को राजकीय मेडिकल कॉलेज से रिलीव कर दिया गया था। उन्हें स्वास्थ्य विभाग के अधीन तैनाती मिली है। इतना सब कुछ होने के बाद भी कुछ सवाल छूट रहे हैं। सर्जिकल सामान कहां ले जाया जा रहा था, लखनऊ नंबर की गाड़ी किसकी है? गाड़ी में दवा कहां से भरी गई आदि सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
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